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यह है यूपी का सबसे अजीब महिला थाना

*यह है यूपी का सबसे अजीब महिला थाना*

अम्बेडकरनगर, 24 अक्टूबर। 
जिले का एक थाना शायद सूबे में अपनी तरह का इकलौता थाना होगा।उसके जैसा कोर्इ दूसरा पुलिस स्टेशन शायद ही उत्तर प्रदेश में हो। इस थाने की खासियत जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
अमूमन किसी भी थाने का इंचार्ज वहां का सीनियर होता है, जिसे बाकी सभी लोग रिपोर्ट करते हैं जनपद में एक एेसा महिला थाना है, जहां सीनियर जूनियर का कोई मायने नहीं रखता है। 
जिले में पुलिस विभाग में भी काफी उठापटक है ।सीनियर और जूनियर न देखते हुए थाने का चार्ज सिन्नी की तरह बांटा जा रहा है। जिले में सीनियर महिला निरीक्षक व उपनिरीक्षक होने के बाद भी देविका सिंह को थाने का चार्ज दे दिया गया यही नही पुलिस कप्तान ने इन्हें सोशल मीडिया सेल के प्रभारी का भी चार्ज दे रखा है।सवाल उठता है कि आखिर किस दबाव में साहब ने महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी है। देविका सिंह ने उत्तर प्रदेश पुलिस में अभी तक लगभग ढाई साल की सेवा दी है,लेकिन पुलिस कप्तान ने इन्हें महिला थाने का चार्ज दे दिया। महिला थाने की स्थिति इन दिनों बेहद खराब चल रही है। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार महिला थाने में आम बात है। अनुभव के कमी के बावजूद भी इन्हें थाने का चार्ज मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है,लेकिन बावजूद इसके देविका सिंह महिला थाना चला रहीं है।
पुलिस के आला अधिकारी इंस्पेक्टरों की कमी का रोना रोते हुए ज्यादातर थानों का चार्ज दारोगा के हाथों में दे देते है, मगर जिले में इंस्पेक्टरों की भरमार होने के बावजूद थानों का चार्ज दरोगाओं के हाथों में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि क्राइम ब्रांच, मानवाधिकार यूनिट और पुलिस लाइन समेत कई विंग में डेढ़ दर्जन से ज्यादा इंस्पेक्टर हैं। लेकिन पता नहीं क्यों थाने का प्रभार दरोगा को दे दिया जाता है।
 इस विषय मे जब पुलिस अधीक्षक से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क स्थापित नही हो सका।

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