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रामनगर सीएचसी केन्द्र पर प्रसव के नाम पर होता है बड़ा खेल

रामनगर सीएचसी केन्द्र पर प्रसव के नाम पर होता है बड़ा खेल

आलापुर अम्बेडकरनगर-बताते चलें कि जनपद के तहसील क्षेत्र आलापुर रामनगर सीएचसी केन्द्र पर प्रसव के नाम पर अवैध धन उगाही का खेल चरम सीमा पर चल रहा है उक्त प्रकरण की जानकारी तब हुई जब राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र भिनगा टाइम्स आलापुर के संवाददाता के सगी बहन की डिलीवरी होने को हुई।प्रसव वेदना से आहत बहन को लेकर पहुंचते ही संवाददाता को प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए लम्बी लिस्ट मिल गयी जिसमें संवाददाता ने बाहर दूकान से प्रमाण सहित रूप.410/की दवा ले गया जिसमें दो दवायें की वापसी पर रु.40/की वापसी भी गयी। जिसकी कीमत प्रभारी चिकित्साधिकारी रामनगर के अनुसार 150रू.बताई गई । उक्त प्रकरण के बारे में प्रभारी चिकित्साधिकारी रामनगर आलापुर से सम्पर्क करने पर पूरी तरह से स्टाफ को बचाने का बयान दिया गया जो कि सुरक्षित है बाद में पुनः प्रभारी चिकित्साधिकारी ने संवाददाता को दूरभाष पर बताया कि अभी सरकारी फार्मासिस्ट के द्वारा आपका पैसा वापस करवाया जा रहा है लेकिन ऐसा हुआ नहीं लेकिन इसके बावजूद प्रसव कक्ष की दाई के द्वारा मैडम की फीस की डिलीवरी डिमांड की गई मगर स्टाप से सम्बन्ध अधिकारियों ने आंखों आंखों में समझ लिया। महोदय क्या यही कार्य सरकारी कहलाता है कि आशा की कमीशनखोरी अलग सरकारी मैडमों की कमीशनखोरी अलग। आखिर क्यों ? जब सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में डिलीवरी करवाने का दवा, इंजेक्शन,पैड, इत्यादि नहीं है तो क्यों करवाई जाती है डिलीवरी। इसलिए अब कहने में कोई संकोच नहीं है कि क्या इसी कारण से पूर्व प्रभारी चिकित्साधिकारी रामनगर को छोड़ने में इतना समय लगा रहे थे। मैं जानना चाहता हूं सम्बन्धित उच्च अधिकारियों से क्या सरकारी वेतनमान से पेट भरने व परिवार का लालन-पालन में कमी है। उक्त प्रकरण के बारे में जब नवागत प्रभारी चिकित्साधिकारी से पीड़ित संवाददाता ने फोन रिकॉर्डिंग के तहत वार्ता की तो महोदय ने सहज स्वीकार किया कि डिलीवरी सम्बन्धी सभी इंजेक्शन व दवायें उपलब्ध हैं तो आखिर ऐसा क्यों होता है अतः सभी साक्ष्य तत्समय प्रस्तुत होंगे।

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