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अतिवृष्टि का कहर, 100 परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई ठप*

*अतिवृष्टि का कहर, 100 परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई ठप*

अंबेडकरनगर। अतिवृष्टि व बाढ़ के कहर के चलते जिले में लगभग सौ परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई ठप हो गई है। यह ऐसे विद्यालय हैं, जहां लंबे समय से विभिन्न समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें से ज्यादातर स्कूल या तो तालाबों व नहर के निकट हैं या फिर जलभराव वाले क्षेत्र में विद्यालय बना हुआ है। ग्राम पंचायत या विशेष निधि से विद्यालयों में जलभराव रोकने को लेकर बीते वर्षों में बरती गई शिथिलता का दुष्परिणाम अब सामने आया है। नतीजा यह है कि लगभग दस हजार छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने से रोकते हुए संबंधित क्षेत्र में मोहल्ला पाठशाला संचालित किए जाने का निर्देश दिया गया है।
जिले के परिषदीय स्कूलों की बदहाली दूर होने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न योजनाओं के तहत स्कूलों का कायाकल्प करने की मुहिम भले ही चलाई जा रही हो, लेकिन अभी भी विद्यालय में माहौल बेहतर करने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिलाकर कुल 1582 परिषदीय विद्यालय जिले में स्थित हैं। इनमें से 550 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी छतें या तो टपक रही हैं या फिर दरक चुकी हैं। इन्हीं में ऐसे विद्यालय शामिल हैं, जहां चारदीवारी के संकट से लेकर शुद्ध पेयजल मिल पाना कठिन बना हुआ है।ऐसे स्कूलों में लगभग 70 ऐसे विद्यालय भी शामिल हैं, जहां प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान परिसर जलमग्न हो जाता है या फिर विद्यालय के बगल जलभराव से छात्र-छात्राओं के लिए खतरा बना रहता है। इस बार अतिवृष्टि के चलते स्थिति ज्यादा बिगड़ गई है। नतीजा यह है कि लगभग सौ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का पहुंच पाना कठिन बना हुआ था। तमाम चुनौतियों व मुश्किलों के बीच अभिभावकों के साथ किसी तरह स्कूलों तक बच्चे पहुंच रहे थे, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने तय किया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई जारी रखना उचित नहीं है।
छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए बीते शुक्रवार को जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के सभी नौ विकास खंडों में स्थित ऐसेे विद्यालयों के परिसर में पढ़ाई रोक दिए जाने का निर्देश दिया गया है, जहां बाढ़ या फिर बारिश का पानी परिसर या आसपास भर गया है। इसका सीधा असर लगभग 100 विद्यालयों पर पड़ा है। जिनके आसपास के अलावा परिसर में बाढ़ या फिर बारिश का पानी भरा हुआ है। ऐसे में इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए आना वर्जित कर दिया गया है। हालांकि संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित क्षेत्र में जगह-जगह मोहल्ला पाठशाला का आयोजन करें। जिस प्रकार से कोरोना संकट के बीच मोहल्ला पाठशाला का आयोजन किया गया था, उसी प्रकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी मोहल्ला पाठशाला का आयोजन किया जाए। छात्र-छात्राओं के छोटे-छोटे समूह बनाकर उन्हें पढ़ाया जाए।
सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया निर्णय
बाढ़ व बारिश का पानी जिन विद्यालयों के परिसर व आसपास भरा हुआ है, वहां छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय में अवकाश घोषित किया गया है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को मोहल्ला पाठशाला का संचालन किए जाने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय बंद नहीं होंगे। जरूरी कार्य प्रधानाध्यापक व अन्य द्वारा निपटाए जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय गया है।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

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