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*उत्तर प्रदेश में दुकान-मकान या जमीन खरीदने से पहले DM के यहां आवेदन जरूरी*

*योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला*

*उत्तर प्रदेश में दुकान-मकान या जमीन खरीदने से पहले DM के यहां आवेदन जरूरी*

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में अब जमीन,दुकान,मकान,फ्लैट आदि भू-सम्पत्तियों की कीमत और ऐसी सम्पत्ति की खरीद फरोख्त में रजिस्ट्री करवाने के लिए पहले जिला मजिस्ट्रेट के यहां आवेदन कराना होगा।जिसके बाद इन पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को जिलाधिकारी तय करवाएंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आद्तियनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में स्टाम्प व रजिस्ट्री विभाग की ओर से लाए गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।  

बता दें कि योगी कैबिनेट के इस निर्णय के बाद बाद अब प्रदेश में भू-सम्पत्तियों की कीमत तय करने और रजिस्ट्री करवाते समय उस पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को तय करने में विवाद नहीं होंगे और इस मुद्दे पर होने वाले मुकदमों की संख्या घटेगी। अब कोई भी व्यक्ति प्रदेश में कहीं भी कोई जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान आदि खरीदना चाहेगा तो सबसे पहले उसे संबंधित जिले के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देना होगा और साथ ही ट्रेजरी चालान के माध्यम से कोषागार में 100 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। जिसके बाद लेखपाल उस भू-सम्पत्ति की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से मौजूदा कीमत का मूल्यांकन करेंगे। फिर उस सम्पत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क का डीएम द्वारा लिखित निर्धारण होगा।

गौरतलब है कि अब तक प्रदेश में अभी तक जो व्यवस्था चल रही थी उसमें कोई व्यक्ति भूमि, भवन खरीदना चाहता था तो उस भू-सम्पत्ति का मूल्य कितना है इस पर संशय बना रहता है और खरीददार प्रापर्टी डीलर, रजिस्ट्री करवाने वाले वकील, रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी से सम्पर्क करता था और उसमें मौखिक तौर पर उस भवन या भूमि की कीमत तय हो जाती थी, उसी आधार पर उसकी रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क लगता था। 

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