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*हर तरह की मौत का पंजीकरण का है आदेश*

*हर तरह की मौत का पंजीकरण का है आदेश*

अम्बेडकर नगर

इस समय  कोरोना से और अन्य रोगों से बेहिसाब मौतें हो रही हैं। कई तो अस्पताल पहुंचने के पहले दम तोड़ दे रहे हैं और कईयों को अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद इलाज शुरू होने के पहले ही मौत अपने आगोश में ले लेती है। इस दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों को भटकना पड़ता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनेगा इसके लिए लोग परेशान रहते हैं। इस बाबत जन्म मृत्यु पंजीकरण के नोडल ने कहा है कि मौत किसी भी तरीके से हो उसकी उसके पंजीकरण की प्रक्रिया सामान्य ही है। अपर सीएमओ एवं नोडल डॉ. सालिकराम पासवान ने बताया कि जिले में कुल 16 स्थानों पर पंजीकरण होता है। इसके रजिस्ट्रार और नोडल नियुक्त हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के योगेश जायसवाल, जिला चिकित्सालय में ओम प्रकाश, 200 बेड के लेवल-2 एमसीएच विंग टांडा में रिचा तिवारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा में यासमीन नेयाल, सामुदायिक केंद्र कटेहरी में विकास चंद वर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीटी में धर्मेंद्र यादव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में मोहम्मद अफजल पंजीकरण का कार्य देखते हैं। बताया कि सीएमओ कार्यालय में अभिषेक पंजीकरण का कार्य देखते है।
ये हैं जन्म-मृत्यु घटनाओं के पंजीकरण स्थल: जन्म मृत्यु घटनाओं के पंजीकरण स्थल क्रमश: राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, जिला चिकित्सालय, एमसीएच विंग टांडा, सीएचसी अकबरपुर, सीएचसी बसखारी, सीएचसी टांडा, सीएचसी जलालपुर, सीएचसी कटेहरी, पीएचसी रामनगर, सीएचसी जहांगीरगंज, नगर पालिका परिषद अकबरपुर, जलालपुर व टांडा, नगर पंचायत किछौछा व इल्तिफातगंज हैं।
ये हैं रजिस्टर और नोडल: जन्म और मृत्यु घटनाओं के पंजीकरण स्थल के रजिस्टार और नोडल अधिकारी क्रमश: मेडिकल कॉलेज की डॉ. नूपुर पांडेय, जिला चिकित्सालय की डॉ. भानुमति वर्मा, एमसीएच विंग टांडा के डॉ. अतीक, सीएचसी अकबरपुर के डा. सुभाष चन्द्र, बसखारी के डॉ. मार्कंडेय, टांडा के डॉ. दिनेश वर्मा, कटेहरी के डॉ. एसबी सिंह, भीटी के अमृत प्रकाश सिंह, रामनगर के मुन्नीलाल निगम और जहांगीरगंज के डॉ. उदय चंद्र हैं।

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