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*गाँवो में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण, लोगों की लापरवाही पड़ रही भारी*

अंबेडकर नगर
*गाँवो में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण, लोगों की लापरवाही पड़ रही भारी*
अम्बेडकरनगर।गांवों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसका एक कारण प्रवासियों का अपने गांवों में लौटना और जांच कराने में आनाकानी भी है। वहीं, पिछले साल सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने तक व्यक्ति निगरानी में रहता था। इस बार सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने तक वे घूम रहे हैं।। दैनिक जरूरतों के लिए लोगों का शहर आना-जाना लगा रहता है। कर्फ्यू के बावजूद इसमें बहुत अंकुश नहीं लग पाया है।कोरोना पाबंदी के बीच किसानों, व्यापारियों व कर्मचारियों के जरूरी कार्य चल ही रहे हैं। मास्क न पहनने के मामले में लापरवाही जारी है व शारीरिक दूरी का भी नही पालन हो रहा है।जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई अब तक की जांच में लगभग कल ही 38 लोग एक ही गाँव मे कोरोना से संक्रमित मिले हैं, हालांकि जिले में गाँव मे संक्रमण कहीं ज्यादा है तो कहीं कम। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में जांच नियोजित ढंग से नहीं शुरू हो पाई है। जांच केंद्रों का भी अभाव है।  जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच केंद्र अवश्य बनाए गए हैं।लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी बहुत कम आइसोलेशन सेंटर बने हैं। पहले होली और बाद में गेहूं की कटाई, शादी विवाह और पंचायत चुनाव के लिए प्रवासियों की वापसी भी गांवों में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ने का कारण है। पंचायत चुनाव में कोविड प्रोटोकाल के नियमों और शारीरिक दूरी के नियमों का खुला उल्लंघन, शादी विवाह की खरीदारी के लिए शहरों में जाना, भीड़ में रहना और बिना जांच के ही वापसी ने तेजी से संक्रमण बढ़ाया है।स्थानीय तहसील क्षेत्र में कोविड-19 की महामारी ने अब गांवों में भी भयंकर रूप धारण कर लिया है। लोग दहशत में जी रहे हैं। सरकार जितना आंकड़ा भेज रही है उससे कई गुना ज्यादा मौतें गांवो में हो रही हैं। गांव में लोग जुखाम बुखार से पीड़ित होने के बाद झोलाछाप डॉक्टरों से दवाई लेकर मर रहे हैंक्योंकि लोगो का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में न तो ऑक्सीजन है और न वेड मिल रहा है । यह बातें गांवो में बहुत तेजी से फैल रही है, जिसके डर के कारण लोग
गांवों में ही किसी तरीके से दवाई करा कर अपने को सुरक्षित करना चाहते हैं लेकिन बचना मुश्किल हो रहा है। भीटी ब्लॉक के मात्र एक गांव इटवां में तीन मई से अब तक सात मौतें हो चुकी हैं। गांव में दहशत का आलम यह है कि लोग किसी के क्रिया कर्म में भी शामिल होने से डर रहे हैं। अब तक हुई मौतों में रणविजय सिंह पुत्र शिव बहादुर सिंह ,राजकुमारी पत्नीसूर्यभान ,शोमई पुत्र टीड़ी ,राम निहाल पुत्र राम अवध जावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय श्री पति सिंह ,रघुराज सिंहपुत्र रामगुलाम सिंह, कैलासा देवी पत्नी धर्मराज की मृत्यु हो चुकी है जिससे गांव वासी दहशत में जी रहे हैं।

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