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*प्रश्नों की संख्या होगी आधी, अंक मिलेंगे ज्यादा*

#यूपी_बोर्ड
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*प्रश्नों की संख्या होगी आधी, अंक मिलेंगे ज्यादा*

लखनऊ
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कोरोना काल में बदले हुए पेपर पैटर्न पर यूपी बोर्ड इंटर की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। विभागीय जानकारी और विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार इस बार परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या पहले के मुकाबले आधी होगी। इसमें भी बहुविकल्पीय और लघुउत्तरीय प्रश्नों की संख्या ज्यादा हो सकती है। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या घटाई जा सकती है, ताकि डेढ़ घंटे में छात्रों के ऊपर ज्यादा से ज्यादा लिखने का दबाव न हो। ऐसे में यह तय है कि पेपर पैटर्न पूरी तरह से बदला होगा। इसको लेकर शिक्षकों और छात्रों में उत्सुकता भी बढ़ी है। हर कोई अपने स्तर से कयास लगा रहा है।
आखिरकार यूपी बोर्ड दसवीं की परीक्षा निरस्त कर इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने के लिए राजी हो गया है और जोर-शोर से तैयारियां भी शुरू कर दी है। कोरोना महामारी के चलते परिस्थितियों को देखते हुए इस बार परीक्षा में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। छात्र इस बार 3 घंटे की बजाय डेढ़ घंटे की बोर्ड परीक्षा देंगे। विभागीय जानकारी और विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार इस बार परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या पहले के मुकाबले आधी होगी। एसकेडी एकेडमी के निदेशक मनीष सिंह बताते हैं कि यूपी बोर्ड की परीक्षा डेढ़ घंटे में कराने का निर्णय लिया गया है। पेपर पैटर्न को लेकर छात्रों में बहुत ज्यादा उत्सुकता है। जैसे ही नए पैटर्न की जानकारी होगी बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों का स्कूल स्तर से परीक्षा करायी जाएगी ताकि उनको पैटर्न समझ में आ सके और उसके अनुसार लिख सकें।

👉कुछ इस तरह का हो सकता है पेपर पैटर्न
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विज्ञान : शिक्षकों के अनुसार विशेषज्ञ शिक्षकों की कमेटी है। इन्हीं के द्वारा पेपर पैटर्न तय होगा और पेपर सेट कराए जाएंगे। विज्ञान विषय में अमूमन 30 से ज्यादा ही प्रश्न पूछे जाते हैं। भौतिक विज्ञान की बात करें तो इसमें चार खंडों में कुल 34 प्रश्न पूछे जाते रहे हैं।
अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहब लाल मिश्रा बताते हैं कि इनमें एक अंक वाले 12 प्रश्न, दो अंक वाले पांच प्रश्न, तीन अंक वाले 10 प्रश्न और पांच अंक वाले सात प्रश्न हल करने होते थे। एक अंक वाले प्रश्नों को छोड़ बाकी प्रश्नों में विकल्प भी होते थे। विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार डेढ़ घंटे में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या 17 हो सकती है। इसमें भी पांच अंक और तीन अंक वाले प्रश्नों की संख्या में थोड़ी और कटौती की जा सकती है। बहुविकल्पीय और लघु उत्तरीय प्रश्नों पर ज्यादा जोर हो सकता है। इसी तरह विज्ञान के बाकी विषयों का भी पैटर्न हो सकता है।

हिंदी व अन्य विषय : जीजीआईसी सरोसा भरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ वंदना तिवारी बताती हैं कि अंग्रेजी विषय में दो खंड में 13 प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। नए पेपर पैटर्न में प्रश्नों की घटकर 12 हो सकती है। ग्रामर भाग में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। इसके अलावा 10 अंक, चार अंक, पांच अंक, वाले काफी प्रश्न पूछे जाते रहे हैं। एक प्रश्न 10 और एक 12 अंक का भी पूछा जाता था। बदले पैटर्न में ज्यादा अंक वाले प्रश्नों की संख्या कम हो सकती है और कुछ दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की शब्द सीमा भी घटाई जा सकती है। 10 और चार अंक वाले प्रश्न कम करके उनके पूर्णांक बढ़ाए जा सकते हैं। इसी प्रकार हिंदी विषय मे भी दो खंडों में 14 प्रश्न पूछे जाते थे। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नों की संख्या सात हो सकती है और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और कम किए जा सकते हैं।

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