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चित्रकूट जेल गोलीकांड : खूनी खेल के दौरान बंद थे कैमरे और 9 खोखों का ना मिलना बड़ी साजिश की तरफ करता है इशारा

चित्रकूट जेल गोलीकांड : खूनी खेल के दौरान बंद थे कैमरे और 9 खोखों का ना मिलना बड़ी साजिश की तरफ करता है इशारा 
 
 कोतवाल विरेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक 19 राउण्ड वाली पिस्टल से 16 राउण्ड फायरिंग की गई थी। टीम के एके-47 के 9, 9 एमएम पिस्टल के 5 और इंसास रायफल के 7 खोखे मिले हैं। कुल 17 खोखे में 9 खोखे लापता हैं...

 लखनऊ। 

चित्रकूट जेल में हुए गोलीकांड के बाद जिस बात का अंदेशा लगाया जा रहा था वही हुआ। मसलन जांच करने गई टीम ने जानकारी दी है कि वारदात के समय जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे और तो कई राउण्ड हुए फायर में 9 खोखे भी गायब हैं। इससे पहले विपक्ष ने जांच पर सवाल उठाते हुए बताया था कि यह बड़ी साजिश है। शुक्रवार 14 मई को जेल में हुए खूनी खेल के बाद जांच में सामने आए तथ्य लापरवाही और साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं। हाई सिक्योरिटी जेल कही जाने वाली जेल में 2 महीने से सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए थे। जहां वारदात हुई उस जगह के कैमरे काम नहीं कर रहे थे। और तो हाई सिक्योरिटी बैरक से सुरक्षाकर्मी तक गायब हो गए थे। सीएम की तरफ से बनाई गई जांच टीम में ये तथ्य सामने आए हैं।
 सीएम योगी की बनाई गई जांच टीम में कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, आईजी के सत्यनारायण सहित डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी शामिल हैं। जांच टीम ने दो बार जेल का दौरा करने के बाद 25 लोगों से पूछताछ की थी। जेल में 30 सीसीटीवी कैमरों में महज 8 ही काम कर रहे हैं बाकी के 22 खराब हालत में पाए गये। यह बात हैरान करती है कि हाई सिक्योरिटी वार्ड में खुंखार कैदी बंद होने के बावजूद कैमरे खराब हालत में हैं। मामले में जेल प्रशासन का कहना है कि 2 महीने पहले कैमरे एक साथ खराब हो गए थे। मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कैमरे लगाने वाली एजेंसी की है। शिकायत करने के बाद भी जेल में लगे कैमरों को ठीक नहीं किया गया। कैमरे खराब होने के बाद बात सुरक्षाकर्मियों पर आई। जिस वक्त वारदात हुई वार्ड में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। जिसमें लापरवाही पाई गई है।
 मेराज व अंशुल हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद थे। मुकीम को एक सप्ताह पहले जेल लाया गया था इसलिए उसे क्वारंटीन कर अस्थाई बैरक में रखा गया था। उस दिन डिप्टी जेलर ड्यूटी पर नहीं थे तो जेल वार्डन व अन्य सुरक्षाकर्मी भी नदारद पाए गए। यही बात गले नहीं उतर रही कि एक साथ इतने सारे इत्तफाक कैसे हो सकते हैं। पूरी घटना में मुकीम को 5, मेराज को दो तो अंशुल को चार गोलियां लगी हैं। अंशुल ने टर्की मेड प्वाईंट 9 एमएम की 19 राउण्ड वाली पिस्टल से गोलियां बरसाई थीं। कोतवाल विरेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक 19 राउण्ड वाली पिस्टल से 16 राउण्ड फायरिंग की गई थी। टीम के एके-47 के 9, 9 एमएम पिस्टल के 5 और इंसास रायफल के 7 खोखे मिले हैं। कुल 17 खोखे में 9 खोखे लापता हैं। जेल के अंदर टर्की मेड पिस्टल कहां से आई इसका रहस्य गहरा गया है। लाखों रूपये की कीमत वाली यह विदेशी पिस्टल और कारतूस कैसे अंदर पहुँची, बड़ा सवाल है।

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