Header Ads

.

*41 सदस्यीय जिला पंचायत में अध्यक्ष पद की दौड़ अब और भी रोचक हो चली*

अंबेडकर नगर
*41 सदस्यीय जिला पंचायत में अध्यक्ष पद की दौड़ अब और भी रोचक हो चली*
अम्बेडकरनगर। जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष की दौड़ से पहले ही कई दिग्गज धराशाई हो गए। जिन नामों की सर्वाधिक चर्चा थी वे चुनाव ही नहीं जीत पाए जबकि एक प्रबल दावेदार ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति से खिन्न होकर जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने से ही इंकार कर दिया। ऐसे में अब अचानक से नए नाम उभरकर सामने आ रहे हैं।
41 सदस्यीय जिला पंचायत में अध्यक्ष पद की दौड़ अब और भी रोचक हो चली है। पंचायत चुनाव में जब नामांकन का दौर शुरू नहीं हुआ था तब से ही अध्यक्ष पद को लेकर सरगर्मी बढ़ गयी थी. पिछले चुनाव में पराजित होने वाली बसपा नेत्री शोभावती वर्मा इस बार अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार थीं। पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह भी चुकी हैं। शोभावती की जीत आसान बनाने के लिए पूर्व मंत्री तमाम सीटों पर पसंदीदा उम्मीदवार चाह रहे थे लेकिन ऐसा न हो पाने के बीच शोभवती ने सदस्य पद का चुनाव न लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में भूचाल सा ला दिया।एक तरफ जहां तमाम लोग इस फैसले से सन्न रह गए वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए सदस्य पद का चुनाव लड़ने जा रहे बीजेपी के 2 पूर्व जिलाध्यक्षों की बाछें खिल उठीं। इनमें से एक कपिलदेव वर्मा ने तो नामांकन से ठीक पहले बीजेपी जिलाध्यक्ष की कुर्सी छोड़ने जैसा बड़ा फैसला किया लेकिन उनका दुर्भाग्य यह कि वे रामनगर से सदस्य पद का चुनाव ही नहीं जीत सके। बीजेपी के एक अन्य पूर्व जिलाध्यक्ष शिवनायक वर्मा भी बसखारी से सदस्य पद का चुनाव हारकर अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए। बसपा की तरफ सेअकबरपुर नगर केएकबड़ेहोटलव्यवसाई के परिवार की महिला नीलम को अध्यक्ष पद के लिए आगे किया गया था। हालांकि वे भी जलालपुर से पराजित हो गईं।  ऐसे में चुनाव से पहले तक अध्यक्ष पद के लिए जो भी नाम चर्चा में थे वे सब दौड़ से बाहर हो गए।सदस्य पद के जो नतीजे आए वह भाजपा के लिए सर्वाधिक सबक देने वाला रहा। सिर्फ 2 सीट उसके हिस्से आई।  सपा के हिस्से में 12 तो बसपा के 6 प्रत्याशी ही जीत सके। 19 निर्दलियों ने बाजी मारी तो 2 सीट अन्य के हिस्से में गई। कांग्रेस का उम्मीद के अनुरूप खाता नहीं खुला।  अब इन परिणाम के बाद सपा की तरफ से अभी अजीत यादव और अश्विनी यादव का नाम उछलकर सामने आया है जबकि पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के अत्यंत करीबी टांडा से जीतकर आए साधू वर्मा ने अध्यक्ष पद पर दावेदारी ठोंक दी है। वे किस पार्टी से लड़ेंगे यह पत्ता अभी नहीं खोला है। भाजपा की तरफ से भीटी से जीतकर आए अमरेंद्र पाल के नाम की चर्चा है। अकबरपुर से निर्दल विजयी हुईं प्रसिद्ध लोक गायिका प्रतिमा यादव का नाम भी अध्यक्ष पद के लिए उछला है। कौन अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगा यह तस्वीर साफ होने में अभी वक्त लगेगा लेकिन इतना तय हैकिजीतकीबागडोरनिर्दलियों के हाथ मे रहेगी।

No comments