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*जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी,विधायक सुभाष राय ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख मुआवजा देने की मांग*

अंबेडकर नगर
*जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी,विधायक सुभाष राय ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख मुआवजा देने की मांग*

अंबेडकरनगर।समय बीतने के साथ ही जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।हालांकि प्रशासन इन मौतों की पुष्टि तो नहीं कर रहा है लेकिन स्थानीय लोग और परिजन चीख चीख कर मौतों के पीछे शराब पीने को ही कारण बता रहे हैं। जलालपुर थाना क्षेत्र के ही बहरामपुर नगपुर के रहनेवाले बिंदु शंकर पुत्र रामदुलार की भी शराब पीने से ही मौत हो गई है । बिंदु शंकर की पत्नी ने बताया कि उसके
पति ने मंगलवार को कुछ अन्य लोगों के साथ शराब पी थी जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। उन्हें
स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई ।मृतक बिंदु शंकर के 9 व 11 साल की दो पुत्रियां हैं,लेकिन अब घर में कमा कर लाने वाला कोई नहीं बचा है। पीड़िता ने बताया कि अभी तक कोई भी अधिकारी उनके दरवाजे पर उनका दर्द पूछने नहीं आया है। इसके
अलावा मालीपुर थाना क्षेत्र के रुकुनपुर गांव में अमोघ की भी मृत्यु हो जाने की सूचना मिली है। शराब पीने के बाद अमोघ की हालत खराब हो गई थी तथा उसे लखनऊ स्थित किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां गुरुवार को उसकी मृत्यु हो गई। इस गांव के दो अन्य युवकों की पहले ही मौत हो चुकी है। लगातार मौत पर प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।जलालपुर तहसील क्षेत्र के साथ
ही आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में हुई लोगों की मौतो पर जलालपुर
विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुभाष राय ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन
सरकार की बदनामी को बचाने के लिए मृतकों की संख्या को कम दर्शाने में लगा हुआ है जबकि दोनों जिलों
में जहरीली शराब से कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में नैतिकता हो तो वह पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित करें तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्रदान करें । विधायक सुभाष राय ने कहा कि पीड़ित परिवार चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि उनके परिवार उजड़ गये है। उनके लाडलो की मौत कोरोना से नही हुई है
बल्कि शराब पीने के कारण उनकी मौत हुई है। इसके बावजूद अंबेडकर नगर व आजमगढ़ जिला प्रशासन इन
मौतों को जबरदस्ती कोरोना संक्रमण से हुई मौत बता कर सरकार को बदनामी से बचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है तथा प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम 20 -20 लाख रुपये के मुआवजे कीभी मांग की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व आबकारी विभाग की नाकामी के कारण ही सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा था।उन्होंने बताया कि गुरुवार को जब वह सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचे तो मुख्य आरोपी मोतीलाल गुप्ता के घर के बगल स्थित तालाब से भारी संख्या में रैपर बरामद किए गए जो प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बिकने वाली ब्रांड के थे । इसके अलावा उसी तालाब से भारी संख्या में ढक्कन व सीसी भी बरामद की गई है । जाहिर है कि शराब का यह पूरा काला कारोबार मित्तूपुर पुलिस चौकी के निकटसेहीसंचालित होता रहा है। ऐसे में पुलिस लोगों की मौत को कोरोना संक्रमण से हुई मौत बता कर आखिर क्या दर्शाना चाह रही है। क्या वह दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है अथवा अपना दामन बचाने के लिए
गरीब परिवारों को बर्बाद करने का प्रयास कर रही है जिससे उन्हें सरकार से कोई सहायता न मिल सके।
उन्होंने अंबेडकर नगर प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह जहरीली शराब से हुई मौत के आंकड़ों को छिपाने
का प्रयास कर रहे हैं जो कि किसी भी दशा में उचित नहीं है । उन्होंने मांग की कि शराब से हुई मौतों की सहीसंख्या को सार्वजनिक किया जाए जिससे पीड़ित लोगोंको न्याय मिल सके। विधायक ने यह भी कहा कि जब वह आजमगढ़ क्षेत्र में गए थे तो वहां पीड़ितों ने बताया कि उनके तो मुकदमे ही नहीं लिखे जा रहे हैं।

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