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*कोविड-19 स्पेशल एल-2 हॉस्पिटल में मरीजों को ऑक्सीजन के संकट से जूझने से मिली निजात*

अंबेडकरनगर
*कोविड-19 स्पेशल एल-2 हॉस्पिटल में मरीजों को ऑक्सीजन के संकट से जूझने से मिली निजात*

अम्बेडकरनगर। कोविड-19 स्पेशल एल-2 हॉस्पिटल में मरीजों को ऑक्सीजन के संकट से जूझने से निजात मिल गई है। यहां के लिए आए 48 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चालू हो जाने से ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत में अब कमी आई है। इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलने लगा है। खास बात यह है कि ऑक्सीजन को लेकर अब अफरातफरी के दौर से कोविड अस्पताल के मरीजों को छुटकारा मिला है। इससे न सिर्फ मरीजों वरन उनके तीमारदारों ने भी राहत की सांस ली है। यहां सिलेंडर की खपत काफी हद तक कम हो जाने का लाभ अब अन्य जगहों के मरीजों को भी मिल सकेगा।कोरोना संक्रमण से मरीजों को बचाने के लिए बीते दिनों मचे हाहाकार के बीच टांडा के विशेष एल-2 कोविड अस्पताल के लिए 48 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए थे। इसका आम तौर पर व्यापक स्वागत हुआ था। इस बीच यह सभी कंसंट्रेटर चालू हो गए। एल-2 अस्पताल के इंचार्ज डॉ. अतीक आलम ने दूरभाष पर हुई वार्ता में बताया कि 60 बेड पहले से थे। 10 बेड बढ़कर अब 70 बेड हुए हैं। इसमें 55 मरीज भर्ती हैं। बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चालू होने से ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत में कमी आई है।बताया कि बीते दिनों 48 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन एल-2 अस्पताल को उपलब्ध हुई थीं। इन सभी का सदुपयोग शुरू करा दिया गया है। मरीजों को मशीनों का लाभ मिल रहा है। इससे अब ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर दबाव काफी कम हुआ है। यह खतरा भी टल गया है कि सिलेंडर न मिल पाने से मरीजों को ऑक्सीजन कैसे उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. अतीक ने बताया कि एक अच्छी खबर यह है कि मरीज भी तेजी से रिकवर हो रहे हैं। बताया कि पहले यह अस्पताल कोविड एल-1 था। इसमें 120 बेड पर संक्रमित मरीजों को आइसोलेशन में रखा जाता था। बाद में एल-2 में परिवर्तित होने पर गंभीर प्रकृति के मरीज भर्ती होने लगे। 100 बेड बढ़ने थे, लेकिन अभी तक 70 बेड ही हो सके हैं।

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