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मनरेगा श्रमिकों का भुगतान आज तक ना हो पाने से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन तंगी झेल रही हैं मनरेगा संबंधित अधीनस्थ अधिकारी मालपुआ काट रहे हैं

  मनरेगा श्रमिकों का भुगतान आज तक ना हो पाने से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन तंगी झेल रही हैं मनरेगा संबंधित अधीनस्थ अधिकारी मालपुआ काट रहे हैं
अंबेडकर नगर, विकासखंड रामनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत रूढ़ी में बड़े पैमाने पर मनरेगा योजना के अंतर्गत भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि 5 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है वही कार्य दिवस के सापेक्ष कम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत रूढ़ी में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा योजना का कार्य कराया जा रहा था जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। चार-पांच माह बीतने के बाद भी मजदूरों की मजदूरी का अभी तक भुगतान नहीं किया जा सका बताया जा रहा है कि अब मजदूरों की मजदूरी का डिमांड लगाया जा रहा है फिर मास्टर रोल बनाया जाएगा तब मजदूरी का भुगतान होगा वही तमाम मजदूरों के मजदूरी के दर्जनों दिनों का घपला किया जा रहा है। 2 दिन से लेकर 16 दिन तक का घपला किया जा रहा है तथा कहा जा रहा है आप काम ही नहीं किए हो इतना दिन जबकि सच्चाई यह है कि मजदूरों ने लॉकडाउन के दौरान कार्य किया और उस कार्य को उस समय फर्जी कापी पर हाजिरी बनाई गई और अब मस्टररोल, डिमांड भरते समय मजदूरी कम दर्शाई जा रही है और जो लोग काम नहीं किए हैं उनके खाते में भुगतान करा कर जिम्मेदारों द्वारा स्वयं मजदूरी ले लिया जाता है। जिससे ग्राम पंचायत रूढ़ी के मनरेगा श्रमिक मजदूरी कम मिलने व न मिलने से परेशान हैं वहीं कुछ श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान बरसों से बाधित है । मजदूरों ने आरोप लगाते हुए बताया कि रोजगार सेवक के स्थान पर उनके पिता द्वारा काम किया जाता है और उसके एवज में रोजगार सेवक के पिता के खाते में मजदूरी का भुगतान किया जाता है ।जिसकी शिकायत रामनाथ ,तेरसी, रामसकल, ओम प्रकाश, गिरिजा देवी, किस्मती, फूला देवी ,जमुना प्रसाद ,रामसूरत ,राजाराम, सिंगारी, कनकलता, बाबूराम सहित तमाम मजदूरों ने शिकायत कर मजदूरी का भुगतान न किए जाने वह मजदूरी कम दिए जाने का आरोप लगाया है । सिंगारी देवी ने बताया कि उनके व उनके परिवार के सदस्यों द्वारा 50 कार्य दिवस कार्य किया गया है लेकिन उन्हें केवल 34 दिन कार्य करने को दिखाया जा रहा है और 16 दिन की मजदूरी जिम्मेदारों द्वारा  गायब की जा रही है। वहीं बाबूराम ने बताया कि उनके जाबकार्ड पर 12 कार्य दिवस कार्य किया है रोजगार सेवक ने बताया कि 10 ही दिन काम किए हैं। बाद में पुनः शिकायत होने पर उसे 12 दिन कर दिया गया इस तरह से ग्राम पंचायत रूढ़ी में बड़े पैमाने पर मनरेगा योजना के तहत भ्रष्टाचार व धन का बंदरबांट किया जा रहा है। जिसमें रोजगार सेवक से लेकर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी तक संलिप्त है। मजदूरों ने मजदूरी शीघ्र दिलाए जाने व मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच कराए जाने की मांग की है। यदि शीघ्र समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो ग्राम पंचायत रूढ़ी के मनरेगा मजदूरों ने आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है।

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