Header Ads

.

प्रयागराज के सराय इनायत थाने में पुलिस कर्मियों के द्वारा दो पत्रकारों और एक पत्रकार की 8 माह की गर्भवती पत्नी को थाने में पीटने का मामला ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी नई दिल्ली तक पहुंच चुका है

 प्रयागराज के सराय इनायत थाने में पुलिस कर्मियों के द्वारा दो पत्रकारों और एक पत्रकार की 8 माह की गर्भवती पत्नी को थाने में पीटने का मामला ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी नई दिल्ली तक पहुंच चुका है

★ श्रीमती प्रियंका गांधी ने लिया संज्ञान

★ राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कार्यालय से मांगी विस्तृत रिपोर्ट।

★-कांग्रेस आलाकमान के हरकत पर प्रदेश और जिला कांग्रेस में मची हड़कंप 

★ प्रयागराज गंगापार जिलाध्यक्ष रामकिशुन पटेल अपनी टीम सहित पहुंचे पीड़ित पत्रकारों के घर

★ जल्द ही सौपेंगे हाईकमान को रिपोर्ट
----------------------------------------
शहर के सिविल लाइंस स्थित सरदार पटेल मार्ग "मीडिया हब" कार्यालय में प्रयागराज गंगा पार के जिला अध्यक्ष रामकिशुन पटेल ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि मामले की जानकारी हमारी वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी समेत तमाम राष्ट्रीय नेताओं को पहुंच गई है और उसी का परिणाम है कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खांडे ने प्रदेश अध्यक्ष कार्यालय से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी , जिसका परिणाम हुआ कि प्रदेश सचिव और प्रयागराज जनपद के प्रभारी सुशील पासी ने उनसे फोन कर मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने को कहा। रामकिशुन पटेल ने कहा कि हमारी पार्टी इस मामले पर पूरी तरह से पत्रकारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी के भी ऊपर हाथ उठाने का कोई अधिकार नहीं है,नहीं तो लोग सुरक्षित नहीं रह पाएंगे।
पत्रकारों के द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या आपकी पार्टी मामले की स्वतंत्र जांच के पक्ष में है, इस पर राम किशुन पटेल ने कहा कि  मामला पुलिस से जुड़ा हुआ है और पत्रकारों को यदि पुलिस के ऊपर भरोसा नहीं है तो हमारी पार्टी निश्चित रूप से यह चाहेगी कि मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ेगी और हमारा नेतृत्व कहेगा तो इस मामले में हम और हमारा संगठन निश्चित रूप से सड़क पर उतर कर पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए आन्दोलन करेगा।
 
विदित हो कि प्रयागराज के सराय इनायत थाने में 17जुलाई को दो पत्रकारों और एक पत्रकार की 8माह की गर्भवती पत्नी को कमरे में  बंद कर पीटा गया. पीटने का आरोप वहां के थानाध्यक्ष संजय द्विवेदी, दरोगा आकाश कुमार राय व कौशलेंद्र द्विवेदी के साथ अन्य पुलिसकर्मियों पर लगा है. ये पुलिसकर्मी अभी भी इसी थाने में तैनात हैं और जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. इनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है. पूरे घटनाक्रम को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश है.
पत्रकारों के गुस्से को देखते हुए और दोषियों को दंडित किए जाने की मांग पर पुलिस कप्तान ने इस प्रकरण की जांच सीओ यानि क्षेत्राधिकारी को सौंप दी. लेकिन क्षेत्राधिकारी (फूलपुर) पर मामले की जांच के बहाने लीपापोती के आरोप लगने लगे।
 घटना के दिन जब मामला प्रयागराज के सिविल लाइंस के सरदार पटेल मार्ग स्थित *मीडिया हब* का संचालन करने वाले शार्प रिपोर्टर  व मनमीत पत्रिका के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने दूसरे दिन प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित  व पुलिस महानिरीक्षक डा०केपी से  लगभग 60 पत्रकारों के साथ मुलाकात कर मामले में कार्यवाही की मांग की. तत्पश्चात सीओ फूलपुर को जांच दी गई. परंतु मामले में सीओ फूलपुर उमेश शर्मा के द्वारा लीपापोती की जा रही है, ऐसा पत्रकारों ने आरोप लगाया है.
.प्रकरण प्रयागराज मंडल के सभी उच्च अधिकारियों के साथ-साथ लखनऊ शासन तक पहुंच चुका है. इस प्रकरण मे  सोरांव विधायक मंडलायुक्त को मजिस्ट्रेटी जांच के लिए व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखा है।

No comments