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आईएमए ने फॉर्मूला अपनाने का दिया सुझाव- कहा, फिलहाल कोरोना संकट टला नहीं है


आगरा. एक जून से लॉकडाउन खुलने के संकेत मिलने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) ने कोरोना से बचने के लिए SMS फार्मूला अपनाने का सुझाव दिया है। आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. रवि मोहन पचौरी का कहना है कि कोरोना संकट फिलहाल टला नहीं है। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद हमें खुद को इस बीमारी से बचाकर भी रखना होगा और अपने जरूरी कार्य भी करने होंगे। ऐसे में हम यदि एसएमएस फार्मूले का पालन करेंगे तो कोरोना वायरस हमें छू भी नहीं पाएगा।

S:- एस का मतलब सेनिटाइजेशन से है। यानी हमें हाथों को दिन में कम से कम 10 बार धोना है। किसी बाहरी वस्तु को छूने के बाद हाथ को हर हाल में धोना है। हाथ को जरूरी नहीं कि एल्कोहल युक्त सैनेटाइजर से ही सेनिटाइज किया जाए, साबुन या हैंडवॉश से भी धो सकते हैं। लेकिन कम से कम 10 सेकंड तक धोएं। इससे वायरस का एक तिहाई खतरा कम हो जाएगा। ये बात शोध में भी साबित हो चुकी है।

M:- एम का तात्पर्य मास्क से है। कोरोना से लड़ने के लिए मास्क बहुत कारगर हथियार है। अगर सभी लोग मास्क का प्रयोग करेंगे तो संक्रमण खुद ब खुद कम हो जाएगा। ये जरूरी नहीं कि मास्क दुकान से खरीदा जाए, आप इसे घर में भी कपड़े की मदद से बनाकर उपयोग में ले सकते हैं। यदि सांस संबन्धी कोई परेशानी है, या मास्क पहनने में को समस्या आ रही है तो मुंह व नाक को रुमाल, गमछे, स्टोल आदि से कवर करें।

S:- तीसरे एस का मतलब सोशल डिस्टेंसिंग से है। बाजार, दुकान, दफ्तर आदि कहीं पर भी हों, लोगों से कम से कम एक से डेढ़ मीटर की दूरी रखें। सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना के खिलाफ काफी प्रभावी हथियार है। इसकी गंभीरता को समझें और खुद को कोरोना से बचाएं।

रिपोर्ट | भोवन सिंह रिपोर्टर आगरा*

( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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