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अम्बेडकर नगर.जनपद की पुलिस की कमान पुलिस अधीक्षक के हाथों में होती है, जिनके कन्धों पर जनपद में कानून व्यवस्था

*जिले में पिछले दिनों अपराधों में आई बाढ़ से पुलिस विभाग की निष्क्रियता आई सामने*

*पुलिस अधीक्षक के बढ़ते अपराध को रोकने के दावे हो रहे हैं खोखले साबित*

अम्बेडकर नगर.
जनपद की पुलिस की कमान पुलिस अधीक्षक के हाथों में होती है, जिनके कन्धों पर जनपद में कानून व्यवस्था बनाये रखने के संपूर्ण जिम्मेदारी होती है ,  पुलिस अधीक्षक भारतीय पुलिस सेवा के होते हैं , उनके सहयोग हेतु राज्य पुलिस सेवा के क्षेत्राधिकारी होते हैं. क्षेत्राधिकारीयों के अंतर्गत जो भी कोतवाली / थाने आते हैं वह उनके  कोतवाल / प्रभारी निरीक्षक के माध्यम से कानून व्यवस्था सुनिश्चित करवाते  हैं.।
 जिले में पिछले दिनों अपराधों में आई बाढ़ से पुलिस विभाग की लगातार किरकिरी हो रही थी। खासकर महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं में छेड़छाड़ से लेकर दुराचार के मामलों काफी इजाफा हुआ था। जिले की कानून व्यवस्था को लेकर लगातार पुलिस कटघरे में खड़ी थी कि इसी बीच अम्बेडकर नगर जिले में एसपी आलोक प्रियदर्शी की तैनाती हो गई। इस नए कप्तान ने आते ही जिले में घटित होने वाले अपराधों को लेकर सभी थानाध्यक्षों और क्षेत्राधिकारियों के साथ बैठक कर अपराधों पर किसी तरह की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। नवागत एसपी ने अपराधों पर नियंत्रण करने के लिए जो रणनीति बनाई है, उसकी चर्चा भी मीडिया से की थी।
नवागत पुलिस कप्तान आलोक प्रियदर्शी ने बताया था कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सबसे पहले महिलाओं पुलिस कर्मियों में तेज तर्रार सिपाहियों के चयन किया जाएगा और उन्हें सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी और बाद में इन्ही सिपाहियों के माध्यम से स्कूल और कॉलेजों की छात्राओं को भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देकर महिला के साथ होने वाले अपराधों पर नियंत्रण किया जाएगा।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि उन्हें आते ही जानकारी मिली है कि इस जिले में लूट और छिनैती की काफी घटनाएं हुई हैं। साथ ही इस जनपद को काफी संवेदनशील भी माना जाता है। इसके अलावा जिले में दुर्घटनाओं की भी संख्या काफी अधिक है और इन सबकी जानकारी करने के साथ ही इनसे निपटने के लिए एक मोड्स ऑपरेंडी तैयार की जा रही है, जिसके अनुसार इन सारी चीजों पर अतिशीघ्र नियंत्रण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि उनकी प्राथमिकता जिले में कानून व्यवस्था को बनाये रखने के साथ ही अपराधों पर नियंत्रण रखना और खासकर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। परंतु यह सब  दावे खोखले नजर आ रहे। भ्रष्टाचार और अपराध में लगातार हो रहे इजाफे से जनमानस में  चर्चाएं शुरू हो गई है।

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