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आगरा शिक्षा: आगरा में माता-पिता के लिए ऑनलाइन कक्षाएं सिरदर्द


आगरा में स्कूलों की आनलाइन क्लास, अभिभावकों के लिए सिरदर्द, टीचर जल्द कोर्स कराना चाहते हैं, लैपटॉप और मोबाइल से पढ रहे बच्चे समझ नहीं पा रहे हैं, टॉपिस को समझने की जगह पढाई और होमवर्क चल रहा है।

आगरा के अधिकांश स्कूलों में कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्रों की आनलाइन क्लास चल रही हैं, सुबह आठ से नौ बजे के बीच क्लास शुरू हो जाती हैं। ये 12 से एक बजे तक चलती हैं। एक सब्जेक्ट 30 से 40 मिनट, इसके बाद 10 मिनट का ब्रेक और ​दूसरे टीचर आ जाते हैं।
एक अभिभावक की जुबानी
​एक मिशनरी स्कूल में कक्षा दो में बेटी पढती है, क्लास नौ बजे शुरू हो जाती है, मैडम आती हैं, प्रार्थना के बाद, बच्चे विश करते हैं, मैडम पढाना शुरू करती हैं। बीच बीच में बच्चे अनम्यूट होकर विश करते हैं क्या पूछ लेते हैं मैडम कौन सा चैप्टर है। मैडम का रिदम टूट जाता है, झल्लाती हैं, इसके बाद दोबारा पढाना शुरू करती हैं। एक रिद्रम में पढाती चली जाती हैं, या यूं कह सकते हैं मॉनोलोग चलता है। क्लास खत्म होने से पहले कहती हैं कि पीडीएपफ फाइल में मिल जाएगी, वह होम वर्क है, उसे करना है, यह कल पूछा जाएगा। क्लास खत्म
विशेषज्ञों का है मानना, 30 की जगह एक घंटा पढाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि जब आनलाइन पढाते हैं तो बच्चों को कांसनट्रेट करने में समस्या आती है, घर में कुछ न कुछ सुबह के समय चल रहा होता है। ऐसे में टीचर के लिए चुनौती होती है कि वे जो पढा रही हैं वह सभी छात्रों के समझ में आ जाए, समझ में ना आए तो वे उन्हें सुनते रहें। इसके लिए डायलॉग जरूरी है, मतलब आप बीच बीच में बच्चों से कुछ सवाल पूछती रहीं, बच्चों से कह सकती हैं कि क्लास खत्म होने से पहले क्या पढा है, यह पूछा जाएगा, इससे बच्चे अटेंटिव हो जाएंगे। जो समझ में नहीं आया है, उसे पूछेंगे। मगर, इसमें समय लगता है।
क्लास में 60 बच्चे, आनलाइन में 200, समय ज्यादा दें
अमूमन क्लास में 60 बच्चे होते हैं, आनलाइन क्लास में 150 से 200 बच्चे एक साथ पढते हैं। इसलिए जरूरी है कि समय ज्यादा दिया जाए, यह पूछा जाए कि बच्चे को कुछ समझ में आया कि नहीं।


*रिपोर्ट | भोवन सिंह ब्यूरो चीफ आगरा उ0प्र0*

( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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