आगरा। भारतीय रेलवे किस तेजी के साथ प्रगति के पथ पर दौड़ रही है इसके कई नमूने अब तक देखे जा चुके हैं। रेल इंजन के मामले में भारत ने डबल पावर हासिल कर ली है, डबल पावर के इंजन ट्रेनों को खींचते नजर आएंगे। भारत का सबसे शक्तिशाली इंजन 12000 हॉर्स पावर का है, जो अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है। इंजन पूरी तरीके से स्वदेशी है और मेक इन इंडिया का प्रोजेक्ट है। 12000 हॉर्स पावर का डब्लूएजी 12 बी इंजन दो हिस्सों में है। मेक इन इंडिया के तहत इंजन को बिहार मधेपुरा लोकोमोटिव, रेल मंत्रालय और अल्स्टाम मैन्युफैक्चरिंग इंडिया लिमिटेड ने तैयार किया है।

उत्तर मध्य रेलवे आगरा रेल मंडल के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 12000 हॉर्स पावर का इंजन पहुंचा। मंडल रेल प्रबंधक सुशील कुमार श्रीवास्तव ने नारियल फोड़ा और विधिवत शुभारंभ किया, साथ ही इंजन का अवलोकन किया। डीआरएम सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया की यह पूरी तरह से भारत में बनाया गया इंजन है। इस इंजन का प्रयोग गुड्स ट्रेनो में किया जाएगा। डीआरएम सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गुड्स ट्रेनों में वजन अधिक होता है और उन्हें यह इंजन आसानी से पटरी पर तेजी के साथ दौड़ा सकता है।

इस इंजन में लोको पायलट का केबिन पूरी तरीके से वातानुकूलित है। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए माइक्रोफोन वायस रिकॉर्डर और सीसीटीवी कैमरा लगया गया है। इस इंजन के बीच मे मशीनें लगाई गई है जो इसकी क्षमता को बढ़ाती है। पूरी तरीके से स्वदेशी 12000 हॉर्स पावर का इंजन की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रास्ते में रेलवे लाइन पर रखे बड़े पत्थरों को यह आसानी से उड़ा सकता है। यह इंजन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरी पर दौड़ सकता है। डीआरएम सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस इंजन की क्षमता बढ़ाने के लिए इसे दो पार्ट्स में बनाया गया है जो एक तकनीकी कारण भी है।

पिछले कुछ वर्षों की बात की जाए तो भारतीय रेलवे ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। भारतीय रेलवे जिस तेजी के साथ प्रगति के पथ पर दौड़ रही है उसे देख लगता है कि आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे दुनिया की बेहतर रेलवे में से एक होगी। रेल इंजन के मामले में भारतीय रेल की ताकत दुगनी 12000 हॉर्स पावर के इंजन तैयार पूरी तरीके से स्वदेशी है।