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बन्द, दुकानें खुली एलआईसी कार्यालय को जाने वाली गली बन्द*

 बन्द, दुकानें खुली  एलआईसी कार्यालय को जाने वाली गली बन्द*

*साबुन विभाग गली, महानगर कालोनी, इल्तिफातगंज मार्ग व शास्त्रीनगर में प्रवेश बन्द कार्यालयों के बन्द होने को लेकर प्रशासन बना मूक दर्शक*

अंबेडकरनगर l जिला मुख्यालय के उसरहवा मोहल्ले में पिता-पुत्र के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद जिला प्रशासन ने पांच सौ मीटर के क्षेत्रफल को कथित रूप से सील कर दिया है। प्रशासन के अनुसार इस दायरे में आने वाली सभी गलियों से आवागमन को बैरीकेटिंग करके बन्द कर दिया गया है। इनमें रघुराजीपुरम व एलआईसी गली, इल्तिफातगंज मार्ग, महानगर कालोनी, साबुन विभाग गली तथा शास्त्रीनगर में जाने वाले रास्ते को बन्द कर दिया गया है।

इसके अलावा इल्तिफातगंज मार्ग से आने वाले आवागमन को रेलवे क्रासिंग के पास से रोक दिया गया है। ऐसे में इल्तिफातगंज, केदारनगर, जमुनीपुर से आने वाले लोगों को जिला मुख्यालय पर प्रवेश नही मिल रहा है। यह लोग अगर अपने निजी वाहनों से आते हैं तो वे महमदपुर मार्ग अथवा कोटवा के निकट से दूसरा रास्ता पकड़ कर जिला मुख्यालय तक पंहुच सकते है लेकिन सवारी से आने वाले लोगों के लिए जिला मुख्यालय पर पंहुचना टेढ़ी खीर हो गया है। इसके अलावां एलआईसी गली को तक्षशिला के निकट से भी बन्द कर दिया गया है जिससे उस रास्ते आने वाले लोगों को भी अब एलआईसी गली व रघुराजीपुरम में प्रवेश नही मिल सकेगा। इसी गली में सांसद रितेश पाण्डेय का आवास है एवं भारतीय जीवन बीमा निगम का कार्यालय है। ऐसी स्थिति में क्या भारतीय जीवन बीमा निगम का कार्यालय भी बन्द होगा क्योंकि वहां जाने का अब कोई रास्ता नही बचा है। यही हाल शास्त्रीनगर कालोनी का भी है। इस कालोनी में दो चिकित्सकों की क्लीनिक होने के कारण यहां लोगों का आवागमन रहता है। प्रश्न यह है कि गलियों को बन्द करने के साथ ही इस क्षेत्र में आने वाली दुकानों को क्यों नही बन्द किया गया। क्या यह दुकानें इस दायरे में नही आतीं। इन दुकानों पर दिन भर लोगों की भारी भीड़ जमा रहती है लेकिन उस पर किसी की भी नजर नही जा रही है। जिस मोहल्ले में कोरोना का संक्रमण पाया गया है वहां के लोग अकबरपुर में घूम कर दुकान लगा रहे हैं लेकिन प्रशासन को इसे देखने की फुर्सत नही है। जिन गलियों को बन्द किया गया है वहां के लोगों को दैनिक आवश्यकता के सामानों की आपूर्ति कैसे होगी इसकी भी कोई रूप रेखा प्रशासन के पास नही दिख रही। केवल गलियों को बन्द कर प्रशासन अपना कोरम पूरा करने में लगा हुआ है। कटेहरी क्षेत्र में संक्रमण पाये जाने के बाद वहां सभी बैंको को बन्द कर दिया गया है लेकिन जिला मुख्यालय पर इस हाट स्पाट क्षेत्र में आने वाले सभी बैंक व कार्यालय खुले हैं। इस क्षेत्र में बैंक आफ इण्डिया, सिण्डीकेट बैंक, केनरा बैंक के अलावां बिजली आफिस, कृषि भवन, विकास खण्ड मुख्यालय, लोक निर्माण विभाग के कार्यालय हैं लेकिन इन्हें बन्द करने के लिए अभी तक कोई आदेश जारी नही किया गया है जबकि हाट स्पाट क्षेत्र में सब कुछ बन्द हो जाता है। फिलहाल प्रशासन की इस मनमानी का शिकार कई मोहल्लों के लोग हो रहे हैं। अब देखना यह है कि 72 घंटे बाद चेते प्रशासन द्वारा इन मोहल्लों में किस प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाती है।.                                 

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