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शाकाहार अपनाएं - अनेक बुराइयों से छुटकारा पाएं



  💐 *प्रिय महोदय , सप्रेम नमस्कार*!, *ईश्वर की इस सृष्टि में नाना प्रकार के देह धारी असंख्य जीव हैं । इनकी संरचनाओं में रासायनिक भिन्नता होती है ।।*  💐💐

 *पशु - पक्षी ही नहीं पेड़ - पौधे , वनस्पति आदि इस प्रकृति की तमाम चीजें विभिन्नता धारण कर ही शोभायमान हैं ।* *फल - फूल आदि हमें सुख देते हैं ।। *ये सब निष्प्रयोजन नहीं हैं । हमारा मानवीय जीवन भी इन्हीं पर अवलम्बित हैं ।।*💐💐

 *आवश्यक है कि भगवान ने जिस वस्तु या जीव को जिस प्रयोजन से रचा है उनका निमित्त  यथास्थिति रहे ।।*💐💐

*भगवान की इस अद्भुत , आश्चर्यमय , रहस्यपूर्ण , संरचनाओं में मानवीय हस्तक्षेप करना , अत्यधिक छेड़छाड़ करना  , निश्चित रूप से विनाश को न्योता देना है । आधुनिक स्थूल विज्ञान ने हमें सुविधाएं दी तो उनके साइड इफेक्ट भी दिए ।* 💐💐


 *गुमराह बहुतायत लोगों ने आसुरी जीवन शैली को अपना रखा है  । खासकर खानपान दुषित एवं  अनेक मनमानी क्रियाओं में अप्राकृतिक हदें पार किये हैं । अनेक बार प्रकृति ने चेतावनियां दी है , परन्तु लोग सावधान नहीं हुए ।* 💐💐

 *पर्यावरण के अत्यधिक प्रदूषित होने से ओजोन के परत में छेद हो गया । ग्लोबल वार्मिंग  जगत के लिये चुनौती है ।* 💐💐

 *आजकल कोरोना नामक महामारी का वायरस ने संसार भर के लीगों को घरों में कैद कर दिया । इससे पूर्व भी स्पेनिश फ्लू , प्लेग तथा अन्य कई उपद्रव हुए हैं ।।* 💐💐
*भारत में लॉक डाउन देर से हुई और उसे लागू नहीं रख स्की सरकार । अब ये बेकाबू है ।।*💐💐

 *इस कोरोना की  उत्पत्ति चीन के वुहान नामक शहर में सरकारी प्रयोगशाला से मानी जा रही है । इस आसुरी , सत्यानाशी राजनीतिक प्रणाली ने दुनियां भर के नेताओं को मानसिक रूप से विकृत कर दिया है । भोगवाद की प्रवृत्ति से हवस प्रबल हो गया है । विवेक , नैतिकता , और मानवता तक खतरे में है ।।* 💐💐

 *कहते हैं जैविक हथियार के लिये चमगादड़ के शरीर में से रासायनिक तत्त्व को आजमाया गया । वहां तमाम तरह केँ जीवों - जानवरों को खाया जाता है जिनमें सर्प , बिच्छू , आदि भी शामिल है । वुहान में इनकी बाजार लगती है । भले ही हमसब अनेक देशों में विभक्त हैं , परन्तु प्रकृति के लिये सम्पूर्ण धरती एक ही है ।।* 💐💐

 *जिस भारत में गाय को पूजनीय माता का सम्मान प्राप्त है वहां धड़ल्ले से हत्या के लाइसेंस मिले हुए हैं । गौमांस का निर्यात बढ़ा दिए गए हैं । साधु - संतों की हत्याएं तथा हिंदुओं पर  अत्याचार आमबात है ।।* 💐💐

*दुनियां भर के लोग मनुष्यता को छोड़कर विचित्र रूप से अपनी क्षमताओं , बुद्धि और बल का दुरुपयोग कर रहे हैं । जब मार्गदर्शक भारत ही सनातन से विमुख है तो अनिष्ट स्वाभाविक ही है ।।* 💐💐

*संक्षेप में यही जरूरी है कि हम मानव जाति इस पृथ्वी पर बने रहने के लिये अपने अंदर झांकें । स्वाध्याय करें । अपनी गलतियों , अपराधों का आत्म - निरीक्षण करें और उन्हें त्यागें । अन्यथा डायनासोर की भांति विलुप्त होने को तैयार रहें ।।* 💐💐

*भगवान को शांति ही पसन्द है । लाखों वर्षों तक अकेले रह लेते हैं ।। अभी कुछ दिनों तक सड़क मार्ग , हवाई मार्ग और जलमार्ग सुनसान रहने से पर्यावरण में काफी सुधार हुआ था , परन्तु पुनः वही हाल हो रहा है ।।* 💐💐

*सविश्वास शुभाकांक्षी ; -- *((( भा0 विश्वगुरु मार्ग - IPV ))) 7 9 7 9 8 1 8 3 8 5 ,,* 💐💐💐💐💐💐💐 *--०0०--०0०--०0०--०0०--*

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