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वर्तमान सरकार एक झटके में बेरोजगार कर चुकी प्रदेश के लाखों शिक्षा प्रेरकों का 35से 40 माह का बकाया मानदेय का भुगतान करने से कतरा रही।

आज जब देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है वहीं देश में साक्षरता की अलख जगाने वाले देश के शिक्षा प्रेरक  बकाया मानदेय व कोरोना जैसी महामारी का दोहरा संकट झेल रहे हैं! देश के हर व्यक्ति के संकट पर सरकार की नजरे इनायत हो रही है.. वहीं शिक्षाप्रेरकों के बकाया मानदेय भी देने की जहमत नहीं उठा रही है.. इस विषम परिस्थिति में साक्षरता प्रेरकों के सामने आधारभूत आवश्यकताओं को लेकर संकट खड़ा है लेकिन प्रदेश व केन्द्र की सरकार इनकी सुध लेने की बात छोड़िये बकाया मानदेय भी 25 महीनों का देने से कतरा  रही हैं.. उक्त बातें संघ के जिलाध्यक्ष श्री राहुल पाण्डेय ने प्रेस वार्ता के दौरान कही और बताया कि इस तरह की भ्रष्ट व संवेदनशून्य सरकार आजादी के बाद पहली बार आयी है जिसमें युवा, बेरोजगार, किसान व मजदूर सबसे ज्यादा आहत हैं बार बार आवाज उठाने, प्रदर्शन करने के बावजूद भी आज तक सरकार का कोई जिम्मेदार व्यक्ति शिक्षा प्रेरकों की सुध नहीं ली...

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