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जनपद अयोध्या15 चिकित्सालय बिना फार्मासिस्ट के बेहतर पशु चिकित्सा पर उठे सवाल

संदीप गुप्त ब्यूरो चीफ अयोध्या।


जनपद अयोध्या15 चिकित्सालय बिना फार्मासिस्ट के बेहतर पशु चिकित्सा पर उठे सवाल

अयोध्या। पशुपालन विभाग मवेशियों के बेहतर इलाज का दावा करता है। उसका दावा कितना खोखला है कि जिले के 29 पशु चिकित्सालय में से 15 में फार्मासिस्ट ही नहीं है। दूरदराज क्षेत्रों की बात छोड़िए। जिला पशु चिकित्सालय के पास भी फार्मासिस्ट नहीं है। पशु चिकित्सा केंद्र बारुन के फार्मासिस्ट अनिल कुमार यादव को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। जिस बारुन चिकित्सालय में अनिल यादव की तैनाती है। लगभग एक वर्ष से हॉस्पिटल कि पशु चिकित्सक डॉ शशि यादव अवकाश पर हैं।ऐसे में कैसे वे दोहरी जिम्मेदारी संभालते होंगे, यह बताने की जरूरत नहीं। 
चिकित्सकों को वैक्सीन व दवा लेने के लिए घंटों जिला चिकित्सालय में उनका इंतजार करना पड़ता है। बेहतर इलाज के दावे की यह एक तस्वीर है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके श्रीवास्तव इसे नीतिगत मसला बताते हैं। उनके अनुसार वह नियमित पशुपालन निदेशालय रिक्त पदों की जानकारी भेजते हैं। तैनाती का क्षेत्राधिकार निदेशालय का है।एक पशु चिकित्सक का कहना है कि बात फार्मासिस्ट तक ही नहीं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी पशु चिकित्सालयों में है। जिन पशु चिकित्सालय में एक ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है,अगर वह अवकाश पर चला गया तब कैसे काम होगा। इसे अधिकारी नहीं समझते। जिले में भैंस,गाय व भेड़ के मिला लिया जाए तो इनकी संख्या लगभग आठ लाख है। सर्वाधिक साढ़े तीन लाख भैंस व दो लाख से अधिक गाय व बाकी भेड़ हैं।

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