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आगरा में डॉक्टर अपने क्लिनिक में रहकर मरीज अपने घर पर और ओपीडी में दिखा सकेंगे


आगरा में डॉक्टर अपने क्लीनिक में रहेंगे, मरीज अपने घर पर और ओपीडी में दिखा सकेंगे, क्योंकि अब कोरोना को रोकना है, आपके सुझावों पर हम अमल करेंगे
आगरा में लॉक डाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में लॉक डाउन का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। मगर, भारत में कोरोना के केस पर किस दर से बढेंगे, कब पीक आएगा, इसे लेकर डब्ल्यूएचओ जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, आईसीएमआर द्वारा स्टडी की जा रही है। ऐसे में एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया, पीजीआई चंडीगढ के डायरेक्टर प्रो जगत राम मीडिया को दिए गए बयान में कह चुके हैं कि जून और जुलाई में कोरोना के केस पीक पर होंगे। इन हालातों में सबसे ज्यादा समस्या कोरोना के अतिरिक्त बीमारियों से पीडित मरीजों के इलाज में आएगी। घर से बाहर निकलने पर संक्रमण का खतरा रहेगा, डॉक्टर भी क्लीनिक में मरीजों की संख्या कम से कम रखना चाहेंगे, जिससे संक्रमण का खतरा ना रहे। ऐसे में विशेषज्ञों चिकित्सकों और मरीजों से वार्ता की, एक ऐसा सुगम तरीका निकाला गया,​ जिससे डॉक्टर अपने क्लीनिक में बैठकर घर पर बैठे मरीज को परामर्श दे सकें। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से डॉक्टर और मरीज ​जिस तरह से क्लीनिक में बात करते हैं, हूबहू उसी तरह से बात करें, हाथ से पर्चा लिखें और मरीज को भेज दें।
*रिपोर्ट | संध्या सिंह क्राइम रिपोर्टर आगरा*
( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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