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कोरोना संक्रमण काल मे रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ज़रूरी है वज्रासन

कोरोना संक्रमण काल मे रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ज़रूरी है वज्रासन -
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत योगाचार्य योगी महेश कुमार जी वज्रासन के लाभ बताए।उन्होंने बताया यह ध्यानात्मक आसन हैं। मन की चंचलता को दूर करता है। *भोजन के बाद किया जानेवाला यह एक मात्र आसन हैं।*

लाभ -
1- इसके करने से अपचन, अम्लपित्त, गैस, कब्ज की निवृत्ति होती है। 
2- भोजन के बाद 5 से लेकर 15 मिनट तक करने से भोजन का पाचक ठीक से हो जाता है। वैसे दैनिक योगाभ्यास मे 1-3 मिनट तक करना चाहिए। 
3- घुटनों की पीड़ा को दूर करता है। इसे करने से आप पाते है विर्य विधि और ब्रह्म्चर्य की सुरक्षा।


विधि-
1- दोनों घुटने सामने से मिले हों | 
2- पैर की एडियाँ बाहर की और पंजे अन्दर की और हों | 3- बायें पैर के अंगूठे के आस पास में दायें पैर का अंगूठा | दोनों हाथ घुटनों के ऊपर |
सावधानी- 
1- वज्रासन करने पर चक्कर आनें लगे, पीठ दर्द होने लगे, टखनें दुखने लगें, घुटनें या शरीर के कोई भी अन्य जौड़ अधिक दर्द करें लगे तो फौरन इस आसन का अभ्यास रोक कर डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
2- एड़ी के रोग से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन न करे।
अगर वज्रासन करने पर आपको कमर दर्द, कमजोरी या चक्कर आने जैसे कोई समस्या हो तो आसन बंद कर अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले।
3- गर्भवती महिलाओं को वज्रासन बिलकुल “नहीं” करना चाहिए।
4- वज्रासन करने वाले व्यक्ति को यह आसन हड़बड़ी में नहीं करना चाहिए। टखनें, घुटनें, या एड़ियों पर किसी भी तरह का ऑपरेशन कराया हों, उन्हे यह आसन बिलकुल नहीं करना चाहिए। 5- हड्डियों मेँ कम्पन की बीमारी वाले व्यक्ति को यह आसन नहीं करना चाहिए।
रिपोर्टर-फ़िरोज़ आलम खान प्रयागराज यू0पी0

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