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डाटा की अपनी कोई विचारधारा नहीं होती, सही विश्‍लेषण होना जरूरी


कोरोना वायरस के दौरान देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान भी विशेषज्ञों का मंथन चल रहा है। अब कांफ्रेंस या सेमिनार में व्‍यक्तिगत रूप से उपस्थित न होकर, वेबीनार के जरिए तकनीक पर चर्चा हो रही है। डा. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा के समाज विज्ञान संस्थान द्वारा डाटा विश्लेषण एवं सांखि्यकी कंप्यूटिंग पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। तीन सत्रों में आयोजित वेबीनार में वक्ताओं ने डाटा के सही विश्लेषण पर अपने विचार व्यक्त किए।

 संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. टीसीए अनंत ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि डाटा की कोई विचारधारा नहीं होती है। डाटा का संपादन उसके विश्लेषण तकनीकी के प्रकार पर निर्भर करता है। गलत जानकारी तथा सही तकनीक की जानकारी न होने के कारण गलत विश्लेषण और निर्णय होते हैं। तकनीकी सत्र के पहले सत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में जैव सांखि्यकी विभाग के प्रो. एसएन द्विवेदी ने शोध प्लानिंग के लिए सांखि्यकी टूल्स द्वारा डाटा विश्लेषण के बारे में बताया। दूसरे सत्र में गोरखपुर विवि के प्रो. विजय कुमार ने डाटा विश्लेषण एवं आर सॉफ्टवेयर के बारे में बताया। तीसरे सत्र में पंजाब विवि के प्रो. सुरेश शर्मा ने एसपीएसएस सॉफ्टवेयर के प्रयोग व कमियों के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कहा कि आज के डिजीटल युग में डाटा के सही विश्लेषण से सही निर्णय लिया जा सकता है। सांखि्यकी का प्रयोग नवीन शोध में होना चाहिए।
वेबीनार का संयोजन प्रो. मनोज श्रीवास्तव व प्रो. विनीता सिंह द्वारा किया गया था।संस्थान के निदेशक प्रो.दिवाकर खरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस वेबीनार में 1000 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, यूट्यूब पर इसके लाइव प्रसारण को 2500 से ज्यादा प्रतिभागियों ने देखा। 
*रिपोर्ट | संध्या सिंह क्राइम रिपोर्टर आगरा*
( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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