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शहर और गांवो के घर घर पर है प्राशसन कि नजर जब से कोरोना महामारी फैली और इससे बचने के लिए देश लॉक डाऊन हुआ तभी से एस डी एम और तहसीलदार

*एस डी एम एवं तहसीलदार बने गरीबो और असहाय श्रमिक मजदूरों के लिए  सहारा तीनों अधिकारियों  की हो रही है गांव-गांव सराहना* 

न्यूज 24 इंडिया ब्यूरो चीफ महेंद्र सिंह

ऐसे ही नेतृत्व करने वाले अधिकारियो की थी  क्षेत्र वाशियो  को जरूरत*

जिला छतरपुर मध्य प्रदेश
थाना लवकुशनगर अंतर्गत : कोरोना जैसी महामारी से पूरा देश परेशान है जिसके चलते पूरे देश में लॉक डाऊन किया गया है और लॉक डाऊन का पालन जिले और अनुविभाग के अधिकारियों को कराना था जिसके चलते लवकुशनगर एस डी एम और लवकुशनगर  तहसीलदार एवं चंदला तहसीलदार ने अपने नेतृत्व और मार्ग दर्शन के द्वारा पूरे क्षेत्र में अभी तक लॉक डाऊन का  सम्पूर्ण रूप से पालन करवाया  है साथ ही गरीबो और निराश्रित मजदूरों के ये अधिकारी सहारा बन गये है जैसे ही लॉक डाऊन की घोषणा हुई वैसे ही नगर एवं क्षेत्र में सब कुछ बन्द हो गया लवकुशनगर एस डी एम अविनाश रावत और तहसीलदार आलोक अवस्थी एवं चंदला तहसीलदार पीयूष दीक्षित  को  लॉक डाऊन के पालन के साथ साथ गरीबो को भोजन की व्यवस्था की भी  चिंता थी तभी लॉक डाऊन के दूसरे दिन ही एस डी एम के निर्देशन में नगर परिषद ने उन गरीब लोगो को भोजन की व्यवस्था की थोड़ी देर बाद ये दोनों अधिकारी अपने शासकीय अमले को साथ लेकर निकल पड़े गरीबो को भोजन कराने नगर के गरीब क्या बड़े बड़े शहरों से पैदल और बसो से आ रहे गरीब और प्रवासी मजदूरों को भी लगातार  इन अधिकारियों ने भोजन की व्यवस्था कराई ।

*लॉक डाऊन का पालन कराने जब सड़क और गांव की गलियों पर निकले ये अधिकारी* 

इस महामारी से बचने के लिए देश मे लॉक डाऊन चल रहा था और उसका पालन भी करवाना था लॉक डाऊन के चलते जनता घरो से सड़कों पर आने लगी तभी  एस डी एम और तहसील दार अपने दल बल सहित लॉक डाऊन का पालन कराने के लिए सड़क और गांव की गलियों में निकल पड़े तहसीलदार ने स्वंम माईक लेकर नगर एव क्षेत्र में एनाउंस कर जनता को महामारी से बचने और लॉक डाऊन का पालन करने के लिए कहा जनता ने अधिकारियों को रोड में देख जनता के समझ मे आने लगा कि जब चिलचिलाती धूप में ये अधिकारी गांव में घूम रहे है तब जनता को विश्वास होने लगा कि जब तक क्षेत्र में ऐसे अधिकारी है तब तक क्षेत्र में कोरोना नही आ सकता क्षेत्र वाषियों को ऐसे ही अधिकारी की जरूरत थी आज गांव गांव में इन अधिकारियों के सराहनीय कार्य की तारीफ हो रही है जिन गरीबो के पास में पैसे नही थे प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की घोषणा होते ही मजदूरों के खाते में एक एक हजार रुपये डलवाये ।

शहर और गांवो के घर घर पर है प्राशसन कि नजर 
जब से कोरोना महामारी फैली और इससे बचने के लिए देश लॉक डाऊन हुआ तभी से  एस डी एम और तहसीलदार अपने विभागीय कर्मचारी नायब तहसीलदार आर आई  शिक्षक पटवारी डॉक्टर ए एन एम ग्राम पंचायत सचिव रोजगार सहायक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता के माध्यम शहर और गांव के घरों में प्राशसन नजर रख्खे हुए है जैसे ही कोई ग्रमीण या नगर वाशी बाहर से आता है तो उसकी पहले जांच कराई जाती है और फिर उसको होम क्वारीटाईन किया जाता फिर 14 दिन तक उसको निगरानी में रखा जाता है

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