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गनर के साथ मौजूद नायाब तहसीलदार के सामने कैसे पीटा गया ग्राम विकास अधिकारी

गनर के साथ मौजूद नायाब तहसीलदार के सामने कैसे पीटा गया ग्राम विकास अधिकारी

*घूस की रकम आधी बकाया कर देने पर पोर्टल पत्रकार से ग्राम विकास अधिकारी ने खुन्नस बांधते हुए पत्रकार पर मनगढ़ंत कहानी गढ़ कर फर्जी मुकदमा लिखा दिया*

*कौशांबी* जिले के  एक पोर्टल पत्रकार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेना मुश्किल में डाल दिया है उक्त पोर्टल पत्रकार को छत तो अभी तक नही मिल सकी है लेकिन घूस के नाम पर आधी रकम देने के बाद आधी बकाया कर देने पर पोर्टल पत्रकार से ग्राम विकास अधिकारी ने खुन्नस बांधते हुए पत्रकार पर मनगढ़ंत कहानी गढ़ कर फर्जी मुकदमा लिखा दिया है घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के दारानगर क्वॉरेंटाइन सेंटर दिखाया गया है जहां ग्राम विकास अधिकारी पूरन चन्द्र के साथ नायब तहसीलदार अपने चालक दो गनर और अन्य कर्मियों के मौजूद थे अब सवाल उठता है कि  
क्वॉरेंटाइन सेंटर पर ग्राम विकास अधिकारी द्वारा मारपीट की जो घटना दिखाई गई है जहां गनर के साथ नायब तहसीलदार चालक और कर्मचारी मौजूद थे तो इन स्थितियों में एक अकेला पत्रकार छह लोगों के बीच से खींचकर ग्राम विकास अधिकारी पूरन चन्द्र पर हमला कैसे कर सकता है ग्राम विकास अधिकारी ने मनगढ़ंत कहानी बनाई है या फिर ग्राम विकास अधिकारी पर हमले के मामले में नायब तहसीलदार की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैं यह एक बड़ा जांच का विषय है 

जानकारी के मुताबिक सैनी कोतवाली क्षेत्र के गुलामी पुर गनपा गांव निवासी जुगल किशोर एक पोर्टल पत्रकार है उनके परिवार में उनके अलावा कोई नहीं है माता-पिता की मौत हो चुकी है और बहनों की शादियां हो चुकी हैं भाई में वहां अकेले हैं जुगल किशोर की भी अभी शादी नहीं हुई है

पोर्टल पत्रकार जुगुल किशोर ने खण्डहर नुमा कच्चे घर को गिरा कर प्रधानमंत्री आवास से घर बनाना चाहा जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया आवास के नाम पर उन्हें सरकार की ओर से पहली किस्त 40 हजार की रकम भेजी गई जिस पर ग्राम विकास अधिकारी पूरन चन्द्र ने उनसे तीस हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की ग्राम विकास अधिकारी ने जुगुल किशोर पर दबाव डालकर उनके बैंक खाते से 20 हजार रुपये की रकम ले लिया अब दस हजार रुपये ग्राम विकास अधिकारी को घूस की रकम लेना बाकी रह गया मकान बनने लगा जिस पर जुगल किशोर ने घूस की 10 की रकम यह कहकर देने से उन्हें इंकार कर दिया कि आर्थिक तंगी के चलते वह नहीं दे पाए है इसी बीच ग्राम विकास अधिकारी का स्थानांतरण दूसरे क्षेत्र में हो गया जिस पर ग्राम विकास अधिकारी ने आवास निरस्त कराने की धमकी दी 

कड़ा धाम कोतवाली क्षेत्र के दारानगर स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर पर उक्त पोर्टल पत्रकार खबर कवरेज करने 02 मई को पहुंच गए जिस पर वहाँ मौजूद ग्राम विकास अधिकारी पूरन चन्द्र ने  उनसे बकाया घूस की रकम मांगा जब जुगल किशोर ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया तो ग्राम विकास अधिकारी ने कहा तुम्हें इसके गम्भीर परिणाम भुगतना पड़ेगा और पत्रकार को गाली गलौच करते हुए धमकी दिया कि तुम्हारे खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा एससी एसटी उत्पीड़न मारपीट का मुकदमा दर्ज करा कर तुम्हें जेल भिजवा देंगे

 क्वॉरेंटाइन सेंटर से पत्रकार घर वापस लौट आए अगले दिन उन्हें पता चला कि उनके विरुद्ध सैनी कोतवाली में ग्राम विकास अधिकारी ने मारपीट सरकारी कार्य मे बाधा अनुसूचित जाति अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है एक कहावत है कि डायन भी एक घर छोड़कर अपना निशाना बनाती है लेकिन योगीराज में बेलगाम घूसखोर कर्मचारी अधिकारी किसी को बख्शने को तैयार नहीं है जो बड़ा सवाल है यदि संपूर्ण प्रकरण की शासन प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कराई तो जहां पत्रकार पर दर्ज फर्जी मुकदमा की सच्चाई जनता के सामने उजागर होगी वही साजिश रच कर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी का दण्डित होना तय है

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