Header Ads

.

दर्दनाक हिलोर देने वाली मजदूरों की त्रासदी पर भी ये सख्त पत्थर दिल,सरकार और इसके नुमाइंदे एक रत्ती भी पिघल नही रहे हैं

दर्दनाक हिलोर देने वाली मजदूरों की त्रासदी पर भी ये सख्त पत्थर दिल,सरकार और इसके नुमाइंदे एक रत्ती भी पिघल नही रहे हैं, भूखे बच्चे,नँघे पॉव ,गर्भवती महिलाओं का पैदल चलना,बूढ़े लोगो का लाठी डंडे लेकर,बीमारों का चादर के झूले में लेटकर 40 डिग्री तापमान में भूखे पेट,वापसी इस अंधी सरकार को नही दिखता, सब आपदा की आमद बटोरने में व्यस्त हैं, सारे वादे खोखले है,राहत पैकेज कर्ज के रूप में है--वो भी आगे ज़िंदा बच गए तो। ऐसी खूंखार ,दरिंदगी देश की सड़कों पर पहले नही देखी।सत्ता, शासन सिर्फ किताबी बातें कर रहा है। भौतिकता में सब कुछ 000 से भी ज्यादा बड़ा है। सच कहने ,लिखने में डर नही गर्व है। द्वारा---आनंद श्रीवास्तव--नामिती पद्म भूषण 2012,पद्म विभूषण 2017  😡

No comments