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आगरा में ताला बंद आदमी अपने पिता को आगरा में वृद्धाश्रम से वापस ले गया

आगरा में बूढे पिता को रामलाल वृद्धाश्रम भेजने पर लॉक डाउन में आर्थिक तंगी से जूझ रहे बेटों की लोगों ने मदद करने से इन्कार कर दिया, बेटों ने पिता से मांफी मांगी और घर ले गए।

रामलाल आश्रम में रह रहे ,अमरपुरा बिचपुरी निवासी दीनानाथ ने अपनी पत्नि का स्वर्गवास होने पर अकेले गरीबी में बच्चों का पालन पोषण किया,और उनको काबिल बनाया, लेकिन बुढापे में उन्हीं बच्चों द्वारा प्रताड़ित कर उन्हें अपने ही घर से निकाल कर, दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर कर दिया। लेकिन कहते है कि जो जैसा करता है वो वैसा ही भरता है,ऐसा ही हुआ इन कलियुगी बेटों के साथ ।दुनिया भर में चल रही महामारी में बेटों के काम धंधे बंद हो गए और आमदनी नहीं होने पर उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया। उन्होंने समाज से मदद मांगी , पिता को घर से निकालने के कारण समाज ने उनकी मदद करने से मना कर दिया, सामाजिक दबाव बढने पर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ वे रामलाल आश्रम पहुंचे। पिता से माफी मांगकर व समझौता करके सेवा करने हेतु आश्रम से घर वापस लेकर गए। आश्रम के अध्यक्ष शिवप्रसाद शर्मा ने समझौता होने पर खुशी जताई और कहा कि ,समाज के द्वारा ऐसे लोगो के प्रति कठोर रुख अपनाने से ही मां बाप को प्रताड़ित करने पर रोक लगेगी।


*रिपोर्ट | भोवन सिंह रिपोर्टर आगरा*

( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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