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चंदला विधायक राजेश प्रजापति के अवैध वसूली में पकड़े गए गुर्गे: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा.

चंदला विधायक राजेश प्रजापति के अवैध वसूली में पकड़े गए गुर्गे: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा.!!*

न्यूज 24 इंडिया ब्यूरो चीफ महेंद्र सिंह

जिला छतरपुर मध्य प्रदेश
गौरिहार थाना अंतर्गत
उत्तर प्रदेश में बालू के ट्रकों से रंगदारी वसूल रहे आठ लोगों को बांदा जिले के मटौंध थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास एक लाइसेंसी रिवाल्वर, दो लग्जरी वाहन और वसूली का हिसाब-किताब दर्ज करने वाला रजिस्टर बरामद हुआ है। गिरफ्तार आरोपी मध्य प्रदेश के चंदला विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश प्रजापति  के गुर्गे बताए गए हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपी बांदा, छतरपुर और गोंडा के रहने वाले हैं।
सीमावर्ती मध्य प्रदेश की खदानों से बालू के ट्रकों की आमद का सिलसिला काफी पुराना है। गुंडा टैक्स या रंगदारी की वसूली भी पुरानी परंपरा है। यह अभी भी चल रही थी। बीती रात करीब साढ़े 11 बजे मटौंध थाना इंस्पेक्टर पंकज कुमार पांडेय और बांदा शहर कोतवाली इंस्पेक्टर दिनेश सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ संयुक्त रूप से एमपी की सरहद पर गौरिहार मार्ग में दबिश देकर पेट्रोल पंप के पास बालू के ट्रकों से उगाही कर रहे आठ लोगों को रंगेहाथ दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक बगैर रॉयल्टी वाले बालू ट्रकों से 11000 रुपये और रॉयल्टी लिए ट्रकों से 7000 रुपये वसूल रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में लल्लू प्रजापति पुत्र बगना प्रजापति (जारी, बांदा), शेखर उर्फ चंद्रशेखर पुत्र प्रतिपाल निवासी बलरामपुर (छतरपुर), आशीष पाल पुत्र रामसजीवन (तलइया, लवकुश नगर, छतरपुर), सत्यनारायण त्रिवेदी पुत्र संतोष (जारी, बांदा), सत्यम प्रजापति पुत्र खेमचंद्र (लवकुश नगर, छतरपुर), सुनील प्रजापति पुत्र छोटू प्रजापति (लवकुश नगर, छतरपुर), अनिल पुत्र पन्नालाल (मनकापुर, गोंडा) और उदयराज पुत्र रामदीन (मनकापुर, गोंडा) शामिल हैं।
मटौंध इंस्पेक्टर पंकज पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो और एक टाटा नेक्शन चार पहिया वाहन, एक फैक्टरी मेड लाइसेंसी रिवाल्वर, वसूली का हिसाब-किताब दर्ज करने वाला रजिस्टर और 3970 रुपये बरामद हुए हैं। रिवाल्वर लल्लू प्रजापति के पास बरामद हुई, जो जारी गांव के राजू पुत्र भैरम की लाइसेंस बताई गई है। आठों के विरुद्ध धारा 386 (रंगदारी वसूलना), 411 और शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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