न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन के सभी मित्रों को नमस्कार,

जैसा कि मिथिलेश जी ने अपने उपरोक्त वीडियो में बताया है की न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन के गठन से हमें सांगठनिक मजबूती मिलेगी. यह मजबूती हमें न्यूज़ पोर्टल संचालन में होने वाली परेशानी से उबरने में मदद करेगी. एसोसिएशन के कुछ नियम कायदे भी होने चाहिए ताकि, एसोसिएशन से जुड़ने वाले लोग इसकी महत्ता समझ सके. प्रारंभिक तौर पर हम केवल उन्हीं लोगों को न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन का मेंबर बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिनकी बौद्धिकता उनके लेखों से झलकती हो तथा वह सभी मानकों को पूरा करने में सक्षम हो जो एक पत्रकार के लिए निर्धारित की गई हैं.

जैसा कि, आप सभी जानते हैं कि अखबार न्यूज़ टेलीविजन के संचालन तथा उस पर प्रसारित होने वाली खबरों को लेकर सरकार के द्वारा कुछ बंदिशें बनाई गई हैं. इन बंदिशों के अंतर्गत यह तय है कि, आपके द्वारा लिखा गया कोई भी लेख ऐसा नहीं हो जो समाज में कोई गलत संदेश पहुंचाए. लोगों को हिंसा करने के लिए बाध्य करें अथवा सांप्रदायिक दंगे आदि भड़काए.

मिथिलेश जी के साथ मिलकर जिस संगठन की शुरुआत की गई है उस संगठन के वर्तमान में जितने भी सदस्य हैं वह निश्चय ही इन बातों को समझते हैं. आगे भी हम लोग केवल उन्हीं लोगों को इस संगठन से जोड़ने जा रहे हैं जो समाज के लिए अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही समझते हो. ऐसा नहीं है कि, आज सोशल मीडिया के जमाने में केवल हम ही कुछ लोग न्यूज़ पोर्टल का संचालन करते हैं बल्कि, तमाम ऐसे लोग हैं जो न्यूज़ पोर्टल इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं हालांकि, वह लोग कालांतर में कितने सफल या असफल हो पाएंगे यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन मेरा मानना है कि, अपने लेखों अपनी खबरों में हमें उन बातों का अवश्य ध्यान रखना होगा जो समाज हित के लिए बेहतर हो. हमारे किसी भी समाचार अथवा लेख से किसी की भावनाएं आहत ना हो इसका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. मुझे लगता है कि, न्यूज़ पोर्टल को लेकर बहुत दूर तक जाने के लिए हमें वर्तमान से ही अपने आप को इतना सुदृढ़ बनाना होगा कि, हमारा भविष्य शानदार हो. मुझे आशा है कि सभी मित्र मेरी भावनाओं को समझ रहे होंगे.

इसके अतिरिक्त न्यूज़ पोर्टल संचालन में एक अहम समस्या जो सामने आ रही है वह है हमारी वैधानिक मान्यता को लेकर है. मुख्य रूप से यह पहली और बड़ी समस्या है. इस समस्या को दूर करने हेतु मिथिलेश जी तकरीबन 9-10 वर्षों से कार्य कर रहे हैं. मुझे याद है कि स्मृति ईरानी जब सूचना प्रसारण मंत्रालय संभाल रही थी उस समय मिथिलेश जी ने आरटीआई तथा पत्राचार के माध्यम से न्यूज़ पोर्टल संचालकों की व्यथा मंत्रालय को बताई थी, जिस पर उन्होंने जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेते हुए न्यूज़ पोर्टल के निबंधन संबंधी कानून बनाने की बात कही गयी थी हालांकि, अभी तक इस पर सरकार के द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन, मैं यह मानता हूं कि स्वतंत्र पत्रकारिता नाम की कोई चीज भी होती है. जिसके तहत हम लोग बेबाक और बिंदास अपनी बातों को रख सकते हैं(एक सीमा के अंदर, जो मैंने उपर बताया है)

फिर भी आज के दिन में भी हम लोग न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन का गठन कर सभी मित्रों को वह वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जो हर एक टीवी तथा न्यूज़ पेपर को मिला है. मुझे उम्मीद है कि, मेरे जितने भी ऊर्जावान साथी हमारे एसोसिएशन से जुड़े हैं वह सभी मिलकर जरूर ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे.

वर्तमान में जितने भी लोग हमारे न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन से जुड़ रहे हैं सभी को जल्द से जल्द न्यूज़ पोर्टल एसोसिएशन का मेंबरशिप डिजिटल कार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा. जिसे वे अपने पोर्टल में प्रदर्शित करेंगे. ऐसा करते हुए हम सरकार तथा व्यवस्था को अपनी चट्टानी एकता का परिचय देंगे तथा उन्हें भी न्यूज़ पोर्टल की अहमियत समझने को मजबूर कर देंगे. मैं जानता हूं कि, मेरे सभी मित्रों के पास समय अभाव है. ऐसे में मैं उन्हें कोई दबाव नहीं दे रहा हूं. आप सभी मिलकर यह तय करें तो हम लोग हर दिन सुबह 11 से 11:30 बजे तक जूम ऐप के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ सकते हैं. अपनी समस्याएं अपने सुझाव तथा एसोसिएशन को मजबूत करने की बातचीत पर हम लोग चर्चा करेंगे.

आपका

चन्द्रकान्त निराला