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बेटो ने ठुकराया तो दर दर को ठोकर खा रही महिला बुजुर्ग दो वक्त की रोटी के लिए कर रही दूसरे के घरो का झाडू पोछा।

बेटो ने ठुकराया तो दर दर को ठोकर खा रही महिला बुजुर्ग दो वक्त की रोटी के लिए कर रही दूसरे के घरो का झाडू पोछा।


मदर्स डे पर बुजुर्ग माँ ने सुनाई अपनी *संघर्ष भरी कहानी.........*

माँ बाप जिन बच्चो की खुशियो के लिए अपना पूरा जीवन हँसी खुशी न्योछावर कर देते है लेकिन वही बच्चे जब बुढ़ापे मे उनका सहारा ना बने तो कष्ट होता है लेकिन जब बच्चे छोटे छोटे हो और पिता का साथ छूट जाए तो ऐसे मे जो माँ अपने बच्चो का पालन पोषण कर बड़ा करे उसके बाद वही बच्चे उसे भूल जाए और बुढ़ापे मे बोझ समझने लगे तो इससे बड़ा और कोई कष्ट नही हो सकता।

*इस माँ की कहानी सुनने के बाद तो बागवान फिल्म मे अमिताभ बच्चन का एक ही शब्द बार बार याद आता है कि माँ बाप अपने चार चार बच्चो का पालन पोषण करता है वह भी वह बच्चे जिनको ना बोलना आता है और ना ही चलना। उसके बाद भी माँ बाप उन बच्चो को पाल लेता है लेकिन   चार बच्चे मिलकर भी एक बूढ़े माँ बाप की सेवा नही कर पाते वह भी तब जब उनको बोलना चलना सब आता है उसके बाद भी वही बच्चे उन्हे बोझ समझने लगते है*


लाटूस रोड पर कसाई बाड़ा चौराहे के पास मखमूलगंज में किराए के मकान मे रह रही *बुजुर्ग मां की कहानी*👇

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