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कोरोना से देश दुनिया मंदी में हैं लेकिन स्कूल वाले मोटे कमीशन के लालच में अभी भी निजी प्रकाशन की किताबें अपने स्कूलों में चला रहे है।

कोरोना से देश दुनिया मंदी में हैं लेकिन स्कूल वाले मोटे कमीशन के लालच में अभी भी निजी प्रकाशन की किताबें अपने स्कूलों में चला रहे है। कक्षा एक से पांच तक की किताबें ढाई हजार रुपये तक की हैं। ऐसे में स्कूल वाले एनसीईआरटी की किताबों को क्यों नहीं देते मान्यता, जिससे अभिभावकों पर खर्चे का बोझ कम हो।
मोटा मिलता है कमीशन
अभिभावकों का कहना है कि मोटे कमीशन के लालच में ज्यादातर निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों को नहीं चलाया जाता। निजी प्रकाशन की किताबों को अपने स्कूलों में चलाया जाता है। ये किताबें बाहर कहीं नहीं मिलती हैं, जिसके कारण स्कूलों से ही या फिर स्कूलों द्वारा गठित बुक सेलर के पास से इन किताबों को इनके मनमाने दाम पर खरीदा जाता है। अभिभावकों का कहना है कि जो किताब एनसीईआरटी की 70-80 रुपये में मिलती है वहीं निजी प्रकाशन की किताब 400-600 तक में मिलती है। इनके ऊपर स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चलाने के लिए किए गए सरकारी आदेश और नोटिस का भी कोई असर नहीं होता।
लॉकडाउन में लोग परेशान
आगरा में 25 मार्च से लॉक डाउन है। देश में व्यापार पूरी तरह से ठप है। लोग परेशान हैं। उन्होंने स्कूलों से फीस माफी को भी कहा है लेकिन स्कूल वाले फीस माफ करने में खुद को असमर्थ बता रहे हैं। ऐसे में अगर वह फीस माफ नहीं कर सकते तो कम से कम किताबों पर मिलने वाला कमीशन तो छोड ही सकते हैं, जिससे अभिभावकों को कुछ तो राहत मिल सके।
किताबों की होगी होम डिलीवरी
आगरा में 25 मार्च से लॉक डाउन है, ऐसे में नर्सरी से लेकर अन्य क्लास के छात्र बुक नहीं खरीद सके थे, अधिकांश स्कूलों में परीक्षाएं भी पूरी नहीं हुई थी, इन स्कूलों में अगली क्लास में प्रवेश दे दिया गया। स्कूलों में आनलाइन क्लासेज भी शुरू कर दी गई हैं। मगर, तमाम छात्रों पर किताब कॉपी नहीं है। ऐसे में डीएम प्रभु एन सिंह ने लॉक डाउन 4 में बुक सेलरों को किताब कॉपी की होम डिलीवरी की अनुमति दी है। होम डिलीवरी करने के लिए बुक सेलरों द्वारा बीएसए कार्यालय में जिस कॉलेज के वेंडर हैं, उसके पत्र के साथ आवेदन किया गया।
बीएसए राजीव कुमार यादव ने बताया कि बुक सेलरों द्वारा स्कूल के लेटर पेड पर अधिक्रत वेंडर होने का प्रमाण पत्र और होम डिलीवरी के लिए दो कर्मचारियों के नाम पते प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना है, इस तरह आवेदन करने वाले 200 बुक सेलरों को पास जारी कर दिए गए हैं। आनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं लेकिन सत्यापन के बाद ही पास जारी किए जाएंगे।
*रिपोर्ट | भोवन सिंह रिपोर्टर आगरा*

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