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आगरा में भूख हड़ताल के बाद पुलिस ने खोली सील

आगरा अनलॉक 1 कल से शुरू, 
लेकिन आगरा की एक बस्ती में 26 दिनों लोगों की जिंदगी अनलॉक थी। परेशान लोगों ने आज भूख हड़ताल कर दी। मौके पर पुलिसकर्मी पहुंचे और सीज इलाके को खोला।
26 दिनों से कैद जिंदगी
मामला सिकंदरा के ईश्वर नगर का है। यहां 26 दिन से घरों में कैद लोगों का गुस्सा आज फूट पड़ा। सभी लोग इकट्ठे होकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल की जानकारी प्रशासन को हुई तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर सीज किए गए इलाके को खोलकर लोगों को मुक्त किया।
महिला कांस्टेबल की हुई थी कोरोना से मौत
ईश्वर नगर सिकंदरा के रहने वाले लोगों ने बताया कि हमारी बस्ती में महिला कांस्टेबल विनीता यादव की कोरोना के चलते मौत हो गई थी। उसी दिन से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हमारी गली को पूरी तरह सीज कर दिया था। हम लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया था। प्रशासन ने महिला कांस्टेबल के परिवार के नमूने लिए थे उनकी भी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बावजूद भी प्रशासन ने हमको मुक्त नहीं किया। हम सारे नियमों का पालन कर रहे थे। 26 दिन बीत गए थे हम लोग नारकीय जीवन जी रहे थे। कई बार अनुरोध करने पर भी प्रशासन ने हमारी ओर ध्यान नहीं दिया। इससे आज बस्ती के लोग जमा हो गए और वह भूख हड़ताल पर बैठ गए।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
भूख हड़ताल की जानकारी जिला प्रशासन को हुई और पुलिस अधिकारियों को हुई तो वे मौके पर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को समझा-बुझाकर उठाया और उनके गेटों को खोल दिया। इसके बाद सभी लोग भूख हड़ताल से उठ गए। प्रशासन का कहना था कि हम लोग इस ओर ध्यान नहीं दे पाए यह बस्ती अब पूरी तरह कोराना मुक्त है।
*रिपोर्ट | भोवन सिंह रिपोर्टर आगरा*
( *NEWS 24 INDIA न्यूज चैनल*)

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