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लखनऊ। ज्येष्ठ या जेठ का महीना आज 8 मई से शुरु हो गया है। इस महीने में भीषण गर्मी शुरुआत हो जाया करती थी। यूपी और बिहार जैसे राज्यों में लू के थपेड़े भी चलने लगते थे

*जेठ मास शुरु,लेकिन अभी नहीं सताएगी गर्मी* 


लखनऊ। ज्येष्ठ या जेठ का महीना आज 8 मई से शुरु हो गया है। इस महीने में भीषण गर्मी शुरुआत हो जाया करती थी। यूपी और बिहार जैसे राज्यों में लू के थपेड़े भी चलने लगते थे लेकिन, इस साल सबकुछ बदला-बदला सा है। ज्येष्ठ के महीने में तपन अपना विकराल रूप दिखाना शुरु कर देती थी। लू चलने लगती थी और सड़कों पर निकलने वालों का हाल-बेहाल हो जाया करता था। लेकिन इस साल ज्येष्ट का महीना बदला-बदला सा रहने वाला है। अभी तक गर्मी ने तंग नहीं किया है। हर हफ्ते होने वाली बारिश से लोगों को राहत मिलती रही है। संभावना ये थी कि ज्येष्ठ के महीने में तपन शुरु होगी लेकिन, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कम से कम ज्येष्ठ के आधे महीने तक तो गर्मी नहीं सतायेगी।

मौसम में यह बदलाव  चर्चा का विषय बन गया है।दिल्ली स्थित मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आनन्द शर्मा ने बताया कि अप्रैल के महीने में और अभी तक मई में एक बार भी तापमान इतना ऊंचा नहीं पहुंचा जितना पिछले सालों में पहुंच जाया करता था. इसके पीछे ब़ड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना है। सिर्फ अप्रैल के महीने में ही सात बार पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। ये सिलसिला जारी है. लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि कमोबेश ऐसा ही मौसम अगले एक हफ्ते तक जारी रहेगा।यानी 15 मई तक प्रदेश में तापमान नहीं बढ़ेगा क्योंकि रूक-रूक कर बारिश और आंधी चलती रहेगी. इसके बाद का अनुमान बाद में जारी किया जायेगा. लू चलने की तो बिल्कुल ही संभावना अगले कुछ दिनों में नहीं है. ज्येष्ठ के महीने में हर दिन तापमान एक नयी ऊंचाई पर पहुंच जाता था लेकिन, इस बार सामान्य से नीचे चल रहा है। अमूमन इन दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है लेकिन, इस साल ऐसा नहीं है।लखनऊ में दिन का तापमान 33 डिग्री के आसपास चल रहा है जो सामान्य से 6 डिग्री नीचे है। वैसे ही आगरा में सामान्य से 3 डिग्री नीचे जबकि वाराणसी में 6 डिग्री नीचे चल रहा है।रात के तापमान में भी ऐसी ही गिरावट हुई है।साल 2019 में इन्हीं दिनों में ज्यादातर शहरों का दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था।मौसम वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि लॉकडाउन की वजह से गाड़ियां गायब हैं और उद्योग बन्द। ऐसे में वायु प्रदूषण न के बराबर है। इसका भी असर मौसम पर पड़ता दिखाई दे रहा है।मौसम के इस खुलेपन का प्रमाण है कि मई के महीने में शाम होते ही ओस पड़ने लग रही है. ऐसा पहले नहीं हुआ करता था। हिन्दी कैलेण्डर के मुताबिक 8 मई से शुरु हुआ ज्येष्ठ (जेठ) का महीना 5 जून को खत्म हो जायेगा. 6 जून से आषाढ़ शुरु हो जायेगा।

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