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अम्बेडकर नगर । जलालपुर तहसील क्षेत्र के कटघर मूसा गांव की शोभावती देवी पत्नी स्व० जगन्नाथ गौड़ हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल तकरीबन 40 साल से पेश कर रही हैं

हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल हैं शोभावती, 40 साल से रखती हैं रोज़ा


अम्बेडकर नगर । जलालपुर तहसील क्षेत्र के कटघर मूसा गांव की शोभावती देवी पत्नी स्व० जगन्नाथ गौड़ हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल तकरीबन 40 साल से पेश कर रही हैं। शोभावती देवी गंगा-जमुनी तहज़ीब की संस्कृति को जोड़ने वाली सेतू के समान हैं बता दें कि रमज़ान महीने का आधा हिस्सा खत्म हो चुका है। रमज़ान माह बरकतों व रहमतों का महीना कहा जाता है। रोज़ा रखने वाले रोज़ेदार अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर चलते हैं। ऐसे में शोभावती देवी भी बीते 40 वर्षों से रोज़ा रख रही हैं। हालांकि शोभावती देवी बताती हैं कि उनका कोई स्थाई पेशा या कारोबार नहीं है बस वो एक ग़रीब घर की बेटी होने के नाते एक ग़रीब घर मे ब्याह कर आई है। पति के समय से पूर्व मृत्यु हो जाने के बाद छोटे छोटे बच्चों को पालन पोषण व उनकी शादी ब्याह की ज़िम्मेदारी का एक बहुत बड़ा बोझ तकरीबन 25 वर्षों से उठाती चली आ रही हैं। गांव मे थोड़ी सी खेती होने के नाते उसी से उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रमज़ान के महीने में रोज़ा रखती हैं। पिछले 40 वर्षों से रोज़ा रख रही हैं बताया कि गांव मुहल्ले के मुसलमान भाई हर साल हम को बतौर ईदी मदद करते हैं। शोभावती देवी कहती हैं कि रमज़ान का महीना बहुत ही सुकून और बरकत वाला महीना है लेकिन इस साल कोविड-19 कोरोना वायरस ने मानव ज़िन्दगी का सारा सुकून ही छीन लिया है फिर भी मुझे अल्लाह के ऊपर विश्वास है कि बहुत जल्द पूरी दुनिया के साथ-साथ हमारे देश को भी कोरोना नामक बीमारी से मुक्ति मिलेगी। क्योंकि मैं जिसकी मोहब्बत मे 40 वर्षो से रोज़ा रख रही हूं उसी से रोज़ा के दौरान दुआ भी करती हूं कि बहुत जल्द ये बीमारी हमारे देश से खत्म हो जाए ताकि इंसान सुकून की ज़िन्दगी जी सके। साथ ही स्थानीय निवासी मोहम्मद शोएब अंसारी कहते हैं कि जब से मैने होस  संभाला है उससे कही पहले से हर वर्ष शोभावती देवी को रमज़ान महीने मे रोज़ा रखते देखता हूं ऐसी महिलाएं हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करती हैं और गंगा जमुनी तहज़ीब को बढ़ावा देने का काम करती हैं जो एक सराहनीय क़दम है।

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