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21वीं सदी की वैश्विक महामारी: कोरोना* कोरोना वायरस एक ऐसा निडोविरालीस गण का वायरस है जो चीन देश के वुहान शहर से होता हुआ

21वीं सदी की वैश्विक महामारी: कोरोना*
 कोरोना वायरस एक ऐसा निडोविरालीस गण का वायरस है जो चीन देश के वुहान शहर से होता हुआ आज पूरे विश्व के लगभग 200 से भी अधिक देशो तक पहुंच गया है। इसमें मौजूद RNA वाइरस मनुष्यो के श्वसन तंत्र को संक्रमित करके साधारण सर्दी, खांसी, बुखार से लेकर मृत्यु तक का कारण बन सकता है। भारत मे यह सबसे पहले केरल प्रदेश में पाया गया। आंकड़ो के अनुसार भारत मे अबतक 1.12 लाख मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें से 5175 मामले सिर्फ उत्तर प्रदेश के हैं। दिन प्रतिदिन मरीज़ों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, किन्तु अभी तक इसकी रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नही है। इस बीमारी की जांच के लिए "RT-PCR टेस्ट "है, जिसके नतीजे आने में 12 से 24 घंटे लगते हैं जबकि "रैपिड ऐन्टीबॉडीज़ टेस्ट "में गले या मुंह से सैंपल लेकर जांच होने में 20-30 मिनेट का समय लगता है। इन दिनों "प्लाज़मा थेरेपी" पर अनुसंधान यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि इलाज संभव है अथवा नही। जब तक वैक्सीन नही बन जाती तब तक हमें अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त सभी के लिए बनाए गए नियमों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग (2 m की दूरी), मास्क पहनना, कम से कम 20 सेकेंड तक प्रत्येक घंटे हाथों को साबुन से धोना अथवा 60% से 80 % अल्कोहल आधारित सेनिटाइजर से हाथ साफ करना तथा बाहर से लाये हुए सामान को अच्छे से सेनेटाइज करना ज़रूरी है। साथ ही साथ लॉक डाउन नियमों का पालन करते हुए भारत सरकार का कोरोना ट्रैकिंग एप्प "आरोग्य सेतु एप्प "तथा उत्तर प्रदेश  सरकार का "आयुष कवच एप्प" जिसमे बीमारियों से लड़ने तथा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है।
रिपोर्टर-फ़िरोज़ आलम खान प्रयागराज यू0पी0

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