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संजाफी हॉस्पिटल पर कार्यवाही,गलत रिपोर्ट देने वाले पैथोलॉजी पर मेहरबानी, अयोध्या प्रशासन पर सवालिया निशान

*संजाफी हॉस्पिटल पर कार्यवाही,गलत रिपोर्ट देने वाले पैथोलॉजी पर मेहरबानी, अयोध्या प्रशासन पर सवालिया निशान*।

 *रिपोर्ट- ब्यूरो कार्यालय न्यूज 24 इंडिया मंडल अयोध्या।* 

अयोध्या।जनपद में 23 अप्रैल को एक कोरोना मरीज़ प्रकाश में आने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के साथ पूरे जनपद में हड़कंप मच गया था,हो भी क्यों न काफी दिनों से सुरक्षित रहने के बाद अचानक मरीज़ मिलना चौंकाने वाली बात तो है ही,परंतु यह घटना अयोध्या जिला प्रशासन पर सवालिया निशान पैदा करने तथा उसकी भूमिका संदेहास्पद व एक पक्ष से प्रभावित दिखाई देने वाली है।मामला जनपद में पहली कॉरोना मरीज़ मिलने से संबंधित है,जिले के दर्शननगर के पास आशापुर के संजाफ़ी हॉस्पिटल में ग्राम सनेथू से गर्भवती महिला इलाज कराने आई थी जिसका इलाज डॉक्टर आकांक्षा सिंह द्वारा किया जा रहा था,मरीज़ को अस्पताल द्वारा covid-19 की जांच के लिए *पैथ काइंड पैथोलॉजी लैब* में भेज दिया गया जहां से रिपोर्ट पॉजिटिव अा जाती है जिसके बाद पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मच जाता है और आनन फानन में सांजाफी हॉस्पिटल पर कार्यवाही हो जाती है, उसके बाद पुनः उस मरीज़ की जांच जिला प्रशासन द्वारा लखनऊ  से कराई जाती है और रिपोर्ट इस बार नेगेटिव आती हैं जिसपर प्रशासन चैन की सांस लेता है। परन्तु यहां सवाल यह उठता है कि गलत जांच रिपोर्ट उक्त पैथोलॉजी लैब ने देकर प्रशासन को हिलाकर रख दिया और उसके ऊपर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई,इस लैब ने बहुत मरीजों को पैसे की लालच में गलत रिपोर्ट दिया होगा। इस जांच से तो उसने गलत रिपोर्ट देकर सीधे प्रशासन के मुंह पर तमाचा मारा है और शान से सीना ठोककर अपना लैब चला रहा है, जिला प्रशासन के द्वारा की गई कार्यवाही कहीं न कही संदेहास्पद है।लैब के उपर अभी तक कार्यवाही न करना प्रशासन का उसके ऊपर प्रभाव स्पष्ट करता है।
 उ०प्र०के शासनादेश दिनांक20/03/2020 के द्वारा निजी चिकित्सालयों के संबंध में आदेश दिए गए थे,इसी से संबंधित आदेश जिलाधिकारी अयोध्या के द्वारा दिनांक10/04/2020 को जारी किया जाता है जिसके संदर्भ में सञ्जाफी हॉस्पिटल के डॉक्टर मुकेश गौतम ने बताया कि उन्होंने  जो भी कार्य किया है शासनादेश और सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप किया है,पैथोलॉजी में कोविड-19 की जांच इसी के अधीन आता है और उक्त पैथोलॉजी शासन द्वारा ऐसी जांच करने के लिए अधिकृत है,जांच की रिपोर्ट आने पर नियमानुसार जिला प्रशासन को सूचना दी गई थी,फिर भी मेरे खिलाफ कार्यवाही की गई।अब इसपर देखने की बात यह है कि प्रशासन दोषी किसको बनाती हैं परन्तु यह मानना पड़ेगा कि दोष पैथोलॉजी लैब के साथ - साथ जिला प्रशासन का भी है जिसने गलत रिपोर्ट देने वाले पैथोलॉजी के खिलाफ दोषी होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की बल्कि उसे आश्रय देते हुए बचाने का पूरा प्रयास किया गया है।

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